बादाम खाने के फायदे तथा बादाम के बेहतरीन औषधीय गुण

बादाम सचमुच सूखे फलों यानि मेवों का सम्राट् है। कहते हैं कि बादाम की एक गिरी में एक अण्डे के बराबर शक्ति होती है। संस्कृत में बादाम का प्रसिद्ध नाम ‘वाताद’ है। बादाम खाने से शरीर में शक्ति का संचार होता है | बादाम एक सूखा मेवा है। इसमें प्रोटीन, वसा, फास्फोरस, लौह तथा कैल्शियम तत्व होते हैं जो हमारे शरीर तथा मस्तिष्क, दोनों को बल देते हैं। कसैला बादाम मलहम और अन्य दवाइयाँ बनाने में खास तौर पर इस्तमाल होता हैं। वात, पित्त और कफ तथा सिर-दर्द आदि रोगों के लिए बादाम सबसे उत्तम है। ठंडे इलाकों में, ऊँची पहाड़ियों पर होने वाला बादाम सूख जाने पर पूरे वर्ष प्रयोग में आता है। भारत में जम्मू और कश्मीर के बादाम बहुत उत्तम होते हैं । शादीब्याह, पर्व-त्योहार, कोई भी शुभ अवसर पर सब जगह बादाम का प्रयोग होता है। कच्चे बादाम का अचार बहुत स्वादिष्ट होता है- हाँ ये थोडा महँगा जरूर रहता है। बादाम खाना गर्भवती स्त्री के लिए बहुत लाभकारी है। शरीर में आई पोषक तत्वों की कमियों को यह पूरा करता है। बादाम की एक गिरी को मुंह में डालकर दाँतों में 32 बार चबाइए। जब यह अच्छी तरह से पिस जाए, तभी यह रक्त में मिल [Assimilate] पायेगा, नहीं तो मल के साथ ज्यों-का-त्यों शरीर से बाहर निकल जायेगा | बादाम की खीर, बादाम का पुलाव, कटलेट, हलुआ, बादाम का शर्बत, बादाम का चाकलेट आदि अनेक पदार्थ बनाए जाते हैं। अन्य सूखे मेवों की अपेक्षा बादाम मेवा सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। बादाम का चाहे जिस रूप में सेवन किया जाए, यह तय है कि उनमें समाए गुणों का पूरा लाभ व्यक्ति को मिलता है।

बादाम खाने के लाभ

बादाम खाने के फायदे तथा बादाम के बेहतरीन औषधीय गुण badam khane ke fayde nuksan tarike

बादाम के गुण

  • आँखों के लिए बादाम के लाभ : आँखों के लाल रहने पर, आँख आ जाने पर, आँखों से पानी टपकने पर, आँखों की थकावट दूर करने के लिए या आँखों की कमजोरी को ठीक करने के लिए रात में 7 बादाम पानी में भिगो दें। सुबह उन्हें छोले, पीसें और पानी में घोल दें, फिर पी लें। बाद में दूध भी पी लें।
  • दिमाग के लिए बादाम : यदि किसी की याददाश्त कमजोर हो, दिमागी कमजोरी हो, सोचने और निर्णय लेने की शक्ति कम हो, तो रात में 8- 9 बादाम भिगोएँ। प्रातः छीलें। एक चम्मच मक्खन और मिसरी के साथ खाया करें। चार सप्ताह में अच्छे परिणाम सामने आने लगेंगे।
  • दुबलापन दूर करने के लिए : बादाम की दस गिरी, रात को पानी में भिगोएँ। प्रातः छिलका उतारें। पीसें। एक चम्मच मक्खन व शक्कर लेकर, इसे ब्रेड के साथ खाया करें। कुछ ही दिनों में कमजोरी व दुबलापन दूर हो जायेगा ।
  • पेशाब में जलन : यदि पेशाब में जलन रहती हो और पेशाब में रुकावट हो तो रात में 6 बादाम की गिरी भिगोएँ। प्रातः छीलें और 6 ही छोटी इलायची लें। जरूरत के अनुसार मिसरी भी तीनों को मिलाकर पीसें। फिर पानी में घोलकर रोगी को पिलाएँ। दिन में दो बार दो-तीन दिनों में सब ठीक हो जाएगा।
  • वजन कम करने में मददः बादाम में मौजूद मोनोसेचुरेटेड फैट्स आपकी भूख को कंट्रोल करते हैं और आपको पेट भरा-भरा महसूस होता हैं और आप अनाप-शनाप नहीं खाते। आप हर वक्त कुछ न कुछ नहीं खाते, तो आपका वजन भी नहीं बढ़ता।
  • छोटे बच्चो का तुतलाना तथा हकलाना दूर करने का नुस्खा : बादाम गिरी दस लें। रात-भर पानी में भीगने दें। प्रातः छीलें-पीसें। एक चम्मच मक्खन के साथ खाएँ। लगातार जारी रखें।
  • नुस्खा ) बादाम गिरी 11, काली मिर्च भी 11, दोनों को पीसें। आवश्यकतानुसार मिसरी मिलाएँ, खिलाएँ। नियमित रूप से यह क्रम जारी रखें। इससे तुतलाना, हकलाना बंद हो जाएगा।
  • बादाम के बीजों से प्राप्त तेल के सेवन से शरीर की आंतरिक जलन दूर होता है।
  • बादाम को सिरके में पीसकर मसल्स में दर्द होने वाले स्थान पर लेप करने से दर्द से राहत मिलती है।
  • बादाम में कैल्शियम काफी मात्रा में होता है। कैल्शियम हड्डियों के लिए जरूरी होता है। बादाम खाने से आप बुढ़ापे में होने वाली हड्डियों की कई बिमारियों से अपना बचाव कर पाएंगे |
  • पुदीने के साथ दिन में दो-तीन बार बादाम खाने से कफ और खाँसी में लाभ होता है।
  • बादाम देशी घी में भूनकर खाने से सुस्ती और ढीलापन दूर होता है।
  • गर्भावस्था में नौ महीने पूरे हो जाने के बाद एक 15 ग्राम बादाम का तेल रोजाना दूध में मिलाकर पिलाया जाए तो प्रसव में सरलता हो जाता है।
  • भारतीय लोग दिल की बीमारियों से ज्यादा पीड़ित हैं इसलिए बादाम आपके ह्रदय को सेहतमंद बनाये रखने में आपकी मदद कर सकता है। सप्‍ताह में पांच दिन बादाम खाने वाले लोगों में सामान्‍य लोगों की अपेक्षा हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम होता है।
  • भीगा हुआ बादाम खाने से हाई ब्लड प्रैशर कंट्रोल में रहता है। साथ ही खून में अल्फाल टोकोफेरॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जो रक्तचाप को सही बनाए रखता है।
  • शिशु शक्तिवर्धक – बच्चे बड़े होने पर भी दुर्बल हों, सूखा रोग हो तो उन्हें दूध में बादाम मिलाकर पिलायें।
  • चेहरे और त्वचा में निखार लाये बादाम का तेल : बादाम की गिरी पीसकर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है। इसलिए बादाम आवश्यकतानुसार जरूर प्रयोग में लाएँ। बादाम का तेल त्वचा तथा बालों को भी मजबूती देता है क्योंकि बादाम का तेल एक बेहतरीन माश्‍चराइजर है। जो एक्‍ने, ब्‍लैकहैड्स को दूर करता है साथ ही सूखी त्‍वचा से भी छुटकारा दिलाता है। इसमें विटमिन ई भी होता है, जो स्‍वस्‍थ त्‍वचा के लिए बहुत जरूरी होता है।
  • अल्सर से पीड़ित रोगियों को बादाम पीसकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए कुछ ही दिनों में आप आराम महसूस करने लगेंगे |

बादाम खाने के तरीके

  • बादाम को सही तरीके से खाना चाहिए ताकि आपको भी इसके अधिक फायदे मिल सकें। बादाम खाने से पहले भिगोना या अंकुरित करना बेहतर होता है, ताकि पाचन में आसानी हो सकें। बादाम को यूं ही खाना आपके पाचन को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए बादाम को सही तरीके से खाना चाहिए ताकि आपको भी इसके पोष्टिक फायदे मिल सकें। आमतौर पर बादाम को पचाना किसी भी व्यक्ति के लिए मुश्किल होता है क्योंकि इसके ऊपरी ब्राउन छिलके में एक ऐसा पदार्थ होता है जो आसानी से नहीं पचता | बादाम के ब्राउन छिलके में टेनिन होता है, जो पोषक तत्वों को अवशोषित होने से भी रोकता है। लेकिन जब आप बादाम को भिगो देते हैं तो इसका छिलका आसानी से अलग हो जाता है और बादाम के पोषक तत्व आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाते हैं।
  • बादाम खाने सबसे अच्छा तरीका है – बादाम की 10 गिरियाँ रात को भिगो दें। सवेरे छीलकर सिल-बट्टे पर खूब बारीक पीस लें। पानी के केवल कुछ छींटे ही डालें, नहीं तो ठीक नहीं पिसेगी। इसके बाद पीतल की कलई की हुई कड़ाही में थोड़ा-सा घी डालिए। उसमें पिसे हुए बादाम का कल्क डालकर चम्मच से हिलाएँ। लाल होने से पहले ही इसमें ढाई सौ ग्राम दूध डालकर चलाएँ। अब ठंडा होने पर इसे पी जाएँ। इससे शरीर मजबूत होगा, कमज़ोरी दूर होगी।
  • गर्मियों में बादाम की ठंडाई पी जाती है। यह बहुत उत्तम पेय है। रात को बादाम की गिरियाँ भिगो देते हैं। सवेरे गिरियाँ छीलकर, 4-5 काली मिर्च मिलाकर, इच्छानुसार चीनी डालकर इसे कपड़े से छान लेते हैं। इसे पीने से गर्मी का असर दूर होता है।
  • कितने बादाम खाने चाहिए – यह उम्र तथा बादाम को पचाने की क्षमता पर निर्भर करता है जवान आठ से दस गिरियाँ खा सकते है तथा बच्चे, स्त्री तथा बुजुर्ग व्यक्ति चार से छह गिरियाँ खा सकते है |
  • शरीर की कमजोरी दूर करने का उपाय :- बादाम की 5 गिरियाँ गर्म पानी में रात को भिगो  दीजिए। सवेरे उनका छिलका उतार फेंकिये। सफेद गिरियों को कैंडी में अच्छी तरह रगड़कर पीस लीजिए। इसके बाद इसी बादाम-पिट्ठी में गुलकंद 20 ग्राम, असगन्ध का चूर्ण 1 ग्राम और शतावरी का चूर्ण 1 ग्राम मिलाकर खाइए। ऊपर से 200 मिली  ताज़ा दूध पी लीजिए। इससे सारा शरीर मजबूत होता है तथा क़द भी बढ़ता है।
  • बादाम, दूध, काली मिर्च तथा शहद : समरण-शक्ति को तेज करने के लिए, विशेषकर जिन्हें अधिक दिमागी काम करना होता है या अधिक पढ़ाई-लिखाई करनी होती है उन्हें यह उपचार अपनाना चाहिए। बादाम की गिरियाँ, सात लें। पानी में भिगोकर रातभर रखें। प्रातः छीलें, पीसें, अब एक छोटा गिलास गर्म दूध लें। पिसी गिरियाँ इसमें मिलाएँ। इसमें छोटा आधा चम्मच काली मिर्च भी डालें। इसे हल्का सा गर्म रहने दें। अब इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाएँ। यह पियें यदि इसमें शुद्ध एक चम्मच देशी घी भी मिलाकर पी सकें, तो बहुत ज्यादा फायदा होगा।
  • रोजाना सुबह बादाम का पेय बनाकर सेवन किया जाए तो : सांस संबंधी कष्ट दूर होते हैं। मधुमेह में लाभ होता है। स्त्रियों के श्वेत प्रदर एवं श्वेत प्रदर जनित कष्ट दूर होते हैं।

भीगे बादाम खाने के फायदे

  • पाचन में मदद : भीगे बादाम ऐसे एंजाइम लाइपेज़ रिलीज करने में मदद करते हैं जो खासतौर पर आपके शरीर के फैट के पाचन में मदद करते हैं।
  • आपके दिल को रखे स्वस्थ : बादाम आपका खराब कोलेस्टेरॉल को कम करता है और अच्छा यानी गुड कोलेस्टेरॉल बढ़ाता है। इससे आपका दिल तंदुरुस्त रहता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट्स का स्रोत: बादाम एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहद अच्छा स्रोत है। भीगे बादाम में विटामिन-ई होता है जो एजिंग और सूजन को रोकने वाले फ्री रेडिकल्स के नुकसान को रोकता है।
  • भीगे बादाम में विटामिन बी-17 होता है, जो कैंसर से लड़ने में शरीर की मदद करता है |
  • ट्यूमर के विकास को रोकेः बादाम में ऐसे फ्लेवोनॉइड मौजूद होते हैं, जो शरीर में ट्यूमर के विकास को रोकते हैं या कम करते हैं।
  • ग्लूकोस स्तर को सही करे बादाम आपके शरीर के ग्लोकोस स्तर को कम करते हैं या सही बनाए रखते हैं और हाई ब्लड प्रेशर को भी रेगुलेट करते हैं।
  • बर्थ डिफेक्ट कम करेः भीगे हुए बादाम में फोलिक एसिड होता है, जो शिशु के जन्म के समय होने वाली खामियों को कम करता है।

बादाम का सेवन किन लोगो को नहीं करना चाहिए

  • जिन लोगों की किडनी में पथरी या गॉल ब्‍लेडर संबंधी बीमारी है उन्हें बादाम नहीं खाने चाहिए। इसके अतिरिक्त जिन लोगों को गुर्दे संबंधी या पित्ताशय की सकोई बीमारी हो, उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • अपनी उम्र तथा शरीरिक दशा के अनुसार उचित मात्रा में ही बादाम का सेवन करें, नहीं तो आपको दस्त भी लग सकते है | यदि आप अधिक शारीरिक मेहनत नहीं करते है तो सात आठ बादाम से अधिक ना खाएं |

इससे सम्बंधित अन्य आर्टिकल

One Response

  1. Jaihind Gupta

Leave a Reply