दांतों को मजबूत बनाने के लिए क्या खाएं और किस चीज का परहेज करें

दांतों को मजबूत बनाने के लिए पोषक और संतुलित भोजन बहुत होता है यह आपके दाँतों और मसूड़ों को को तो स्वस्थ रखता ही है और साथ ही संक्रमण से भी बचाता है। ऐसा भोजन, जिसमें फायबर की मात्रा अधिक हो, आपके दाँतों को साफ और मसूड़ों के ऊतकों को मजबूत बनाता है। ऐसा भोजन या पेय-पदार्थ, जिनमें शूगर या स्टार्च की मात्रा अधिक होती है, उनसे एसिड पैदा होता है, जो बीस मिनट तक या उससे अधिक समय तक आपके दाँतों पर आक्रमण करता है। दाँतों को स्वस्थ रखने के लिए ऐसा भोजन करें, जो विटामिन, मिनरल, कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर हो। कार्बोनेटेड पेय पदार्थों, जंकफूड, मीठे पदार्थों का सेवन कम करें।

दांतों को मजबूत बनाने के लिए अपनाएं ये खानपान

दांतों को मजबूत बनाने के लिए क्या खाएं और किस चीज का परहेज करें dato ko majboot ke liye kya khana chahiye

मजबूत दांतों के लिए सही खानपान

  • दांतों को मजबूत बनाने के लिए दूध और इसके उत्पाद जरूरी : दूध और इसके उत्पाद (दही, पनीर आदि) कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत हैं। स्वस्थ दांतों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है, इसलिए हमें दूध और इसके उत्पादों का सेवन जरूर करना चाहिए। कैल्शियम हड्डियों और दांतों के इनेमल को मजबूती देने वाला प्रमुख तत्व है। पनीर में प्रोटीन केसिन भी होता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर दांतों के इनेमल की मजबूती को एक तरह से सुनिश्चित कर देता है।
  • डेंटल डिटरजेंट हैं कम एसिड, ज्यादा फाइबर वाले पदार्थ : फाइबर से भरपूर, मगर एसिड में कम फल और सब्जियां दांतों के मामले में ‘डेंटल डिटरजेंट’ भी कहे जाते हैं। अधिक फाइबर युक्त ये पदार्थ झाड़-पोंछ करने का काम भी करते हैं यानी हम जो कुछ भी खाते हैं, उस पर इन पदार्थों में मौजूद फाइबर झाडू-सी फिरा देते हैं और एक तरह से वैसा ही प्रभाव हो जाता है, जैसा ब्रश करने के बाद होता है। इन पदार्थों के सेवन से नए-नए बने प्लैक तो हटते ही हैं, नए प्लैक बनने की प्रक्रिया भी रुकती है। इस प्रकार दांतों को स्वस्थ रखने वाले फल और सब्जियां ये हैं- सेब, नाशपाती, अनानास, केला, आडू, खुबानी, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां दांतों को मजबूत बनाने के लिए इनका सेवन जरुर करें |
  • सेब-नाशपाती : इनमें पेक्टिन नाम का फाइबर होता है, जो हमें स्वस्थ रखने में मदद करता है। मुंह में सेब को चबाने पर यह फाइबर लार का उत्पादन बढ़ाता है और बैक्टीरिया को कम करके दांतों की रक्षा करता है और उन्हें मजबूत बनाता है ।
  • दांतों को मजबूत बनाने के लिए अंडे भी है काम की चीज : अंडे भी दांतों की मजबूती के लिए जाने जाते हैं, इसलिए यदि आप इन्हें खा सकते हैं तो जरूर खाएं। अंडे, दांतों के लिए इसलिए फायदेमंद हैं, क्योंकि इनमें कैल्शियम और फास्फोरस होता है। ये दोनों तत्व दांतों की मजबूती में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। अंडे में विटामिन डी भी होता है, जो कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने में शरीर की मदद करता है।
  • दांतों को मजबूत बनाने में नट्स और बीज का भी जवाब नहीं : नट्स (बादाम, अखरोट, मूंगफली आदि) और बीजों में प्रोटीन के अलावा दांतों को मजबूत करने वाले तत्वों, जैसे फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कैल्शियम दांतों और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी होता है। नट्स में सबसे ज्यादा कैल्शियम बादाम में है। दांतों को मजबूत बनाने तिल के बीज खाना भी काफी लाभकारी है क्योंकि इसमें काफी मात्रा में कैल्शियम होता है।
  • दांतों के बैक्टीरिया को खत्म करती है कच्ची प्याज : कच्ची प्याज में बैक्टीरिया को मारने की जबरदस्त क्षमता होती है। दरअसल प्याज में मौजूद सल्फर की मौजूदगी वाला पदार्थ इसमें यह क्षमता पैदा करता है। कच्ची प्याज कैविटी और दांतों में अन्य कई समस्याएं पैदा करने वाले बैक्टीरिया को पूरी तरह से खत्म कर देती है।
  • जिंजीवाइटिस को मसूड़ों से दूर रखता है मशरूम : टोपी या छतरी वाले इस मशरूम में लेंटीनान नाम की एक प्राकृतिक शुगर होती है, जो जिंजीवाइटिस को रोकने का काम करती है। जिंजीवाइटिस में मसूढ़े फूल जाते हैं, वे कुछ ज्यादा ही लाल हो जाते हैं और उनसे खून भी निकलने लगता है। जिंजीवाइटिस का कारण बैक्टीरियल बायोफिल्म का बनना होता है।
  • एसिड, शुगर साफ कर दांतों को मजबूत बनाता है पानी : मुंह में जाकर पानी वहां मौजूद एसिड और शुगर को साफ करने का काम करता है। पानी में फ्लोराइड भी होता है, जो दांतों को मजबूत बनाकर गिरने से रोकता है। फ्लोराइड का इस्तेमाल टूथपेस्ट और माउथवॉश में भी होता है। इसीलिए आप किसी मौके पर टूथब्रुश नहीं कर पा रहे हैं तो पानी से अच्छी तरह से कुल्ला करना चाहिए, जिससे दांतों की ठीक से सफाई हो सके दांतों को मजबूत बनाने के लिए इनकी सफाई भी बहुत जरुरी होती है ।
  • इन्फेक्शन को खत्म करता है ग्रीन टी का कैटेचिन : ग्रीन टी में एक पदार्थ होता है, जिसे कैटेचिन कहते हैं। कैटेचिन सूजन के खिलाफ काम करता है और बैक्टीरिया के इन्फेक्शन को भी रोकता है। नियमित ग्रीन टी का सेवन करने वाले लोगों में दांतों के चारों तरफ कम बीमारियां पनपती हैं। जो लोग रोजाना एक या दो कप चाय रोजाना पीते हैं, उनमें ज्यादा उम्र होने पर भी दांतों की समस्या कम आती है।
  • स्ट्रॉबेरी में है दांतों को मजबूत बनाने की क्षमता : स्ट्रॉबेरी में मैलिक एसिड पाया जाता है, जो प्राकृतिक इनेमल व्हाइटनर होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रॉबेरी से आप अपना खुद का टूथपेस्ट भी बना सकते हैं। इसके लिए स्ट्रॉबेरी के गूदे को कुचल लें और इसमें बेकिंग सोडा मिला लें। इस मिश्रण को अपने दांतों पर लगाएं और सॉफ्ट ब्रुश के जरिए ब्रुश करें। कुछ मिनट बाद आप अपने दांत चमकते हुए पाएंगे और इससे दातों को मजबूती भी मिलती है। इतना ध्यान जरूर रखें कि स्ट्रॉबेरी के छोटे-छोटे बारीक बीज दांतों के बीच फंसे न रह जाएं।
  • आड़ू में फ्लोराइड और कैल्शियम होता है, जो दांतों और शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाता है. आड़ू का सेवन आपको कई दंत रोगों और हड्डियोंकी कमजोरी से बचाता है |
  • खट्टे फल हैं मसूड़ों के रक्षक : दांतों को मजबूत बनाने के लिए मसूडो का स्वस्थ होना भी बहुत जरुरी है | मसूड़ों के स्वस्थ टिश्यूज के लिए विटामिन सी बहुत जरूरी होता है। विटामिन सी ऊतकों को आपस में जोड़ने वाली प्रोटीन कोलेजन को टूटने से बचाता है। कोलेजन के टूटने पर मसूड़े बहुत ज्यादा कमजोर हो जाते हैं, जिससे दांतों से जुड़ी बीमारियों को पनपने का मौका मिल जाता है। स्ट्रॉबेरी, कीवी के अलावा सभी खट्टे फलों, सब्जियों (संतरा, नींबू, आंवला, टमाटर आदि) में विटामिन सी पाया जाता है, इसलिए इन फलों में से किसी को भी उपलब्धता के आधार पर अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा इन फलों का खट्टापन भी दांतों को बदरंग होने से बचाता है। थोड़ी सावधानी : जरूरत से ज्यादा खट्टे फलों के सेवन से बचना चाहिए, जो वैसे भी एक जरूरी सावधानी है, दूसरे इन पदार्थों को अकेले खाने के बजाय इन्हें भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए यानी भोजन के दौरान खाना चाहिए ताकि इनके अम्ल का प्रभाव कम हो जाए। खट्टे फलों या जूस का सेवन करने के बाद हमें दांतों की अच्छे से सफाई भी कर लेनी चाहिए।

दांतों को मजबूत बनाने के लिए इन चीजो को खाने से बचें

  • कैंडी, टॉफी, चॉकलेट, मिठाई हैं दांतों के बड़े दुश्मन होते हैं जब टॉफी, कैंडी, चॉकलेट आदि हमारे दांतों में ज्यादा देर तक चिपकी रहती हैं इससे बैक्टीरिया को काफी समय मिल जाता है और वे आराम से दांतों में चिपकी हुई शुगर को तोड़कर एसिड बना लेते हैं। यह एसिड दांतों के इनेमल की रक्षात्मक दीवार को घोलकर खत्म कर देता है, जिससे कैविटी का निर्माण होने लगता है। कैंडी खुद भी एसीडिक होती हैं, लिहाजा ये दांतों के लिए केवल और केवल नुकसानदायक ही होती हैं। बचने का तरीका यही है कि यदि आप ये चीजें खा भी रहे हैं तो इनके सेवन के तुरंत बाद दांतों को ब्रुश से साफ करें। दांतों को मजबूत बनाने के लिए मीठी चीजे कम ही खानी चाहिए |
  • दांतों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो धूम्रपान से दूर रहें धूम्रपान से हमारी सांस तो बदबूदार बनती ही है, दांतों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। दांत बदरंग हो जाते हैं।
  • बहुत ज्यादा सोडा, चीनी से खराब होते हैं दांत – बहुत ज्यादा सोडा का इस्तेमाल, जिसमें शुगर भी हो, दांतों में कैविटी बनने का एक प्रमुख कारण बनता है। कार्बोनेटिड सॉफ्ट ड्रिंक में मौजूद एसिड तो दांतों को शुगर से भी ज्यादा हानि पहुंचाता है। इसीलिए यदि शुगर फ्री डाइट सोडा जैसे डाइट कोक या डाइट पेप्सी का आप ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो आप शुगर से तो बच जाएंगे, मगर इनमें मौजूद साइट्रिक और फास्फोरिक एसिड से अपने दांतों को नहीं बचा पाएंगे। खास बात : यदि आप बिना सोडा के नहीं रह सकते तो इसे दिन भर खाली पीने के बजाय किसी भोजन के साथ लें। भोजन एसिड के प्रभाव को कम करता है और साथ ही एसिड को दांतों को। नुकसान पहुंचाने का कम समय मिलता है।
  • एक दिन में अचार के एक बार से ज्यादा नियमित इस्तेमाल से दांतों के इनेमल को होने वाला नुकसान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
  • शराब भी दांतों के लिए अच्छी नहीं है। शराब, खासकर रेड वाइन में एक पदार्थ होता है, जिसे क्रोमोजेंस कहा जाता है। यह एक ऐसा रंग छोड़ता है, जो दांतों के सफेद रंग को असरहीन करता है। इसके अलावा रेड वाइन में मौजूद टैनिन में मुंह को सुखाने और दांतों में दाग-धब्बे लगाने की क्षमता होती है। व्हाइट और रेड दोनों शराब में इरोसिव एसिड भी होता है, जो अन्य पदार्थों को दांतों में ज्यादा गहराई तक ले जाकर दाग लगाने में सहयोग करता है। दांतों को खराब कर देती है
  • बिस्कुट या क्रैकर्स में मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट मुंह में जाकर बहुत जल्दी शुगर में बदल जाती है और बैक्टीरिया के लिए कैविटी बनाना आसान बनाती है। मुंह में जाकर बिस्कुट दाढ़ के अंदर लुगदी या पेस्ट की तरह हो जाता है और दांतों की बीच जाकर छिप जाता है। इसीलिए दांतों को मजबूत बनाने के लिए क्रैकर्स या बिस्कुट खाने के बाद मुंह की अच्छी तरह से सफाई जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति यह नहीं करता और लगातार बिस्कुट की लुगदी को दांतों के बीच छिपने का मौका मिलता रहता है तो दांतों पर कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है।
  • लंबे समय तक लगातार कॉफी का सेवन और उसके बाद दांतों की पर्याप्त सफाई नहीं करने से दांतों में भी जिद्दी दाग लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉफी का दाग तंबाकू से पैदा होने वाले दाग से भी ज्यादा पुख्ता होता है। एक बार दांत पर जगह बना लेने के बाद यह ब्रुश करने पर भी मुश्किल से छूटता है। यह दाग चिपकने की अपनी क्षमता के कारण भोजन के कणों और बैक्टीरिया को ज्यादा आकर्षित भी करता है।

दांतों को मजबूत बनाने के लिए ये टिप्स भी आजमायें  

  • 24 घंटे में कम-से-कम दो बार ब्रुश करना।
  • कुछ खाने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह से कुल्ला करना।
  • बीच-बीच में भी हाथ या मुंह धोते वक्त पानी से अच्छी तरह से दांतों को साफ करना।
  • दांतों को मजबूत बनाने के लिए ऐसा टूथपेस्ट इस्तेमाल करें जिसमें फ्लोराइड हो।
  • नियमित रूप से फ्लॉश (धागे से दांत साफ करना) करना।
  • साल में एक या दो बार डॉक्टर से दांतों की जांच कराना।

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