कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाना चाहिए : 18 फल, सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स

कोलेस्ट्रॉल एक पीले रंगीय का वसीय पदार्थ होता है, यह एक तरह का कवच होता है जो तंत्रिकाओं और हारमोंस प्रमुखत: एस्ट्रोजन और एंड्रोजन में पाया जाता है। यह लाल रक्त वाहिकाओं की सुरक्षा और शरीर की मांसपेशियों की झिल्ली की सुरक्षा जैसे काम करता है। कोलेस्ट्रॉल यदि सही मात्रा में बना रहे तो शरीर को लाभ देता है नहीं तो बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कई बिमारियों का कारण बन जाता है खासतौर से दिल की बिमारियों का इसलिए कोलेस्ट्रॉल कम रखना बहुत जरुरी होता है |

शरीर में पाया जानेवाला अधिकांश कोलेस्ट्रॉल पित्ताशय में बनता है। इसके अलावा करीब 20 से 30 प्रतिशत कोलेस्ट्राल हमारे भोजन से आता है। कुछ कोलेस्ट्राल आंतों के मार्ग में भी पित्त के रूप में पैदा  होता है और भोजन से प्राप्त कोलेस्ट्रॉल में मिल जाता है। शरीर में लिए गए कोलेस्ट्राल की 40 से 50 प्रतिशत मात्रा ही इस्तमाल की जाती है। रक्त में कोलेस्ट्रॉल कुछ प्रोटीन्स, लिपोप्रोटीन से जुड़ा रहता है। जो लिपिड कहलाते हैं। लिपो प्रोटीन दो तरह के होते हैं। एक कम घनत्व का अर्थात एल.डी.एल और दूसरा अधिक घनत्व का अर्था एच.डी.एल । एलडीएल शरीर के लिए हानिकारक होता है जो कि रक्त वाहिकाओं में जमा हो जाता है। शरीर में संपूर्ण कोलेस्ट्रॉल की तुलना में एलडीएल की मात्रा का अनुपात जितना अधिक होगा, धमनियों में खून के रुकने और हार्ट अटैक जैसी बिमारियों की आशंका उतनी ही ज्यादा रहेगी। दूसरी एचडीएल धमनियों में से कोलेस्ट्रॉल के जमाव को दूर करने का काम करता है और हृदयाघात की आशंका को कम करता है। कुछ भोज्य पदार्थ हानिकारक एलडीएल की मात्रा को घटा सकते हैं और एचडीएल को बढ़ा सकते हैं।

कुछ भोज्य पदार्थ ऐसे रसायन पैदा करते हैं जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बनने को रोकते हैं। कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम के लिए दी जाने वाली दवा मेवाकोर भी यही काम करती है। इस आर्टिकल में हम कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले ऐसे ही 18 फल, सब्जी, तेल व बीजो के बारे में बतायेंगे जिनके नियमित सेवन से आप इस समस्या से कभी नहीं घिरेंगे और यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो बिना दवाइयों की सहायता के आप इस समस्या से निपट सकते है तो आइये जानते है इन सूपर फूड्स के बारे में |

कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स 

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाना चाहिए : जानिए 18 फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स cholesterol kam karne ke liye kya khaye 1

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए डाइट

कोलेस्ट्रॉल कम करता बादाम

  • बादाम जो मेवों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, बहुत पौष्टिक होता है। इसमें मोनो सैचुरेटेड वसा पाया जाता है जिससे कोलेस्ट्रॉल घटता है। एक अध्ययन में डा. जीन स्पिलर ने ऐसे पुरुषों और स्त्रियों को जिनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का प्रतिशत ज्यादा (करीब 24) था, तीन से नौ सप्ताह के लिए रोज़ 100 ग्राम बादाम खिलाए। दूसरे समूह को इतनी ही मात्रा में पनीर या जैतून के तेल से मिलने वाली वसा को दिया गया। शोध में यह देखा गया कि बादाम खानेवाले समूह का दूसरे समूह की अपेक्षा 10 से 15 प्रतिशत तक कोलेस्ट्रॉल कम हुआ था। बादाम और जैतून का तेल लगभग एक सा प्रभाव रखते हैं और इनमें उपस्थित पदार्थ कोलेस्ट्रॉल पर एक सा प्रभाव डालते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है सेब

  • सेब में पैक्टिन नामक रेशेदार पदार्थ होता है जो शरीर में कोलेस्ट्राल कम करता है। एक शोध के मुताबिक महिलाओं को पुरुषों की तुलना में सेब के सेवन से अधिक लाभ मिला। सेब के नियमित सेवन करने वालो का कोलेस्ट्राल 30 प्रतिशत घट गया।
  • वाशिंगटन विश्वविद्यालय के डेविड गी ने जांच की कि सेब का रस निकालने की प्रक्रिया में सेब के रेशे खत्म हो जाते हैं। उन्होंने सेब के रेशों का इस्तेमाल बिस्किट बनाने में किया। जब 26 ऐसे व्यक्तियों ने जिनके रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा अधिक थी, सामान्य प्लेसिबो बिस्किट के स्थान पर सेब के रेशोंवाले तीन बिस्किट्स का नियमित सेवन किया तो उनका कोलेस्ट्राल 7 प्रतिशत कम हो गया। डेविड के अनुसार एक बिस्किट में 15 ग्राम रेशे मौजूद थे। जो कि तीन या चार सेब में उपस्थित रेशों के बराबर हैं।
  • अधिकतर लोग सेब में उपस्थित पैक्टिन को ही कोलेस्ट्राल घटाने के लिए लाभकारी मानते हैं मगर इसमें कुछ और भी पदार्थ हैं जो कोलेस्ट्राल को घटाते हैं |

आडू भी है कोलेस्ट्रॉल कम करने में उपयोगी

  • आडू भी कोलेस्ट्राल कम करने में बहुत उपयोगी है। इसमें भी जैतून के तेल और बादाम के ही सामान पदार्थ होते हैं जो कोलेस्ट्राल को कम करने में सहायक होते हैं। एक अध्ययन में यह पाया है कि यदि व्यक्ति बादाम, जैतून के तेल और आडू का तीन महीनों तक लगातार सेवन करें तो एलडीएल की मात्रा घटती है।
  • आडू में मिलने वाली लाभदायक वसा के कारण कोलेस्ट्राल कम करने में यह सहायता करता है। कोलेस्ट्राल कम करने के लिए कम वसा युक्त पदार्थों की तुलना में एक या डेढ़ आडू खाना अधिक उपयोगी होता है। कम वसायुक्त भोजन भी एचडीएल की मात्रा को लगभग 14 प्रतिशत तक बढ़ाते हैं मगर मे एलडीएल को कम नहीं करते। दूसरी ओर आडू केवल एलडीएल पर ही आक्रमण करता है। परीक्षकों ने यह भी देखा कि आडू धमनियों में रक्त के आक्सीकरण की क्रिया भी रोकता है जो कोलेस्ट्राल के हानिकारक बनने का प्रमुख कारण होती है।

सूखी हुई फलियां  

  • सूखी हुई फलियां कोलेस्ट्रॉल कम करने में तेजी से काम करती हैं। अध्ययन बताते हैं कि यदि रोज 170 ग्राम पकी हुई फलियां खाई जाएं तो इनसे एलडीएल की मात्रा में 20 प्रतिशत तक कमी आती है। यह परिणाम तीन सप्ताह में सामने आता है। इसके लिए सभी प्रकार की फलियां उपयोगी होती हैं।
  • 170 ग्राम सूखे हुए बीज या 340 ग्राम भुने हुए बीज खाने से भी एच.डी.एल का प्रतिशत बढ़ता है मगर इसके लिए साल-दो साल का समय लगता है। अच्छे परिणामों के लिए 85 ग्राम फलियां दोपहर और रात के खाने में शामिल करनी चाहिए। फलियों में कम से कम छह ऐसे पदार्थ होते हैं जो कोलेस्ट्राल कम करते हैं। इनमें से घुलनशील रेशे सबसे महत्वपूर्ण हैं।

गाजर भी कोलेस्ट्रॉल कम करती है

  • गाजर एलडीएल को कम करने और एच डी एल को बढ़ाने में मदद करती है। गाजर में कोलेस्ट्रॉल प्रतिरोधी घुलनशील रेशों की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसमें पैक्टिन भी शामिल है।
  • गाजर की थोड़ी मात्रा रोज लेने से उसमें उपस्थित रेशे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को 10 से 20 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं जिसके कारण कई लोगों के रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा अधिक से घटकर सामान्य पर गई है। जब उन्होंने रोज़ गाजर खाना शुरू किया तो उनके रक्त में भी कोलेस्ट्राल की मात्रा 20 प्रतिशत तक घट गई। जो लोग दो या ढाई गाजर रोज खाते हैं उनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 11 प्रतिशत तक कम हुई। जर्मनी में हुए अध्ययन के अनुसार गाजर में उपस्थित बीटा केरोटिन भी एचडीएल को बढ़ाता है। गाजर को चाहे कच्चा खाया जाए, पकाया जाए, ठंडा किया जाए या जूस बनाकर पीया जाए, इसके गुण बने रहते हैं।
  • गाजर के फायदे और 20 बेहतरीन औषधीय गुण

खड़ा धनिया

  • खड़ा धनिया भारत में उपयोग में आनेवाले मसालों में लोकप्रिय मसाला है। बीजों को पकने के बाद सुखाया जाता है। इनमें मसालेदार स्वाद और तेज़ महक होती है। इनमें भी कोलेस्ट्राल को कम करने के गुण होते हैं। इसलिए रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर इनका सेवन किया जाना उपयोगी है। दो चम्मच खडा धनिया एक गिलास पानी में उबालना चाहिए। इसे छानकर रखना चाहिए। इस काढ़े को दिन में दो बार लेने से कुछ ही महीनों में कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में मेथीदाना भी है लाभदायक

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए cholesterol kam karne ke liye kya khaye 2

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए भोजन में क्या खाएं

  • मेथीदाना कोलेस्ट्रॉल कम करता है। ये रक्त में शर्करा की मात्रा को भी कम करते हैं (यदि रोगी ने इन्सुलिन लेना शुरू न किया हो)।
  • भारतीय शोधकर्ताओं ने भी मेथीदाने के औषधीय गुणों पर खासा अध्ययन किया है। राष्ट्रीय पोषाहार संस्थान हैदराबाद में किए गए एक अध्ययन में मधुमेह के रोगियों को मेथीदाना 25 से 100 ग्राम की मात्रा में नियमित रूप से दिया गया। उनकी रक्त शर्करा की मात्रा को कम करने के साथ ही मेथीदाने से खून में कोलेस्ट्राल और ट्राई ग्लिसराइड की मात्रा भी कम हुई। मेथीदाने को काढ़े या चाय के रूप में लिया जा सकता है।
  • मेथीदाना मधुमेह के रोगियों और सामान्य मनुष्यों दोनों ही में रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम कर सकता है। इसमें एक सक्रिय रसायन होता है जिसे गैलेक्टोमेनन कहा जाता है। यह जैल के तरह घुलनशील रेशा होता है। जानवरों पर किए गए अध्ययन से यह जैल पित्त कणों के साथ जुड़ जाता है। और कोलेस्ट्रॉल कम करता है, यह क्रिया ठीक वैसी ही होती है जैसे कोलेस्ट्रॉल कम करनेवाली दवाओं द्वारा की जाती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में लहसुन का भी जवाब नहीं  

  • लहसुन भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लहसुन का नियमित उपयोग कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की अवस्था में लाभकारी पाया गया है। मनुष्यों पर किए गए करीब 20 शोधों के नतीजों के अनुसार ताज़ा लहसुन या लहसुनयुक्त खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं।
  • दिन में लहसुन की तीन कलियाँ खाने से कोलेस्ट्राल की मात्रा में 10 प्रतिशत तक की कमी होती है और यह मात्रा 15 प्रतिशत भी हो सकती है। इससे फ़र्क नहीं पड़ता कि लहसुन कच्चा खाया जा रहा है या पकाकर। यह दोनों ही तरीकों से उपयोगी होता है। लहसुन में छह ऐसे पदार्थों की उपस्थिति को पहचाना गया है। जो पित्ताशय में कोलेस्ट्रॉल के बढने की प्रक्रिया को रोकते हैं। एक परीक्षण में 50 लोगों ने दो महीने तक कच्चे लहसुन की तीन कलियां दो महीने तक रोज खाई। उनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 54 से 4.68 हो गई मतलब ये की 15 प्रतिशत तक कम हुई। उनके रक्त में थक्का जमानेवाले पदार्थों में भी कमी आई।
  • लहसुन की तीन कलियों से निकाले गए तेल के नियमित सेवन से भी एक महीने में कोलेस्ट्रॉल 7 प्रतिशत तक घट गया। इसके साथ ही एचडीएल की मात्रा 23 प्रतिशत तक बढ़ गई।
  • एक महीने तक लगातार लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 12 प्रतिशत तक घटती है। अच्छे परिणामों के लिए लहसुन का प्रयोग तीन महीने तक करना चाहिए। इसके लिए 600 से 900 मि.ग्रा. लहसुन का चूर्ण नियमित रूप से लेना तय किया गया है। लहसुन की कलियां, चूर्ण, तेल और अर्क सामान रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • लहसुन खाने के फायदे और 14 बेहतरीन औषधीय गुण

कोलेस्ट्रॉल कम करने में अंगूर भी है उपयोगी

  • अंगूर के गूदे में एक विशेष तरह का घुलनशील रेशा समाहित होता है जिसे गैलेक्टोरोनिक अम्ल कहा जाता है, जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में मदद करता है। यह रक्त वाहिकाओं में जमे पदार्थों को भी दूर करता है जिससे रक्त का संचार ठीक बना रहता है।
  • यदि 340 ग्राम अंगूर नियमित रूप से खाए जाए तो उनसे मिलनेवाले रेशे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को 10 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। यह जानना जरुरी है कि अंगूर के रस में रेशे नहीं होते अत: इसका कोलेस्ट्राल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • अंगूर तथा इसके जूस के औषधीय गुणों की जानकारी

अंगूर के बीजों का तेल भी कोलेस्ट्रॉल कम करता है

  • अंगूर के बीजों का तेल जो सामान्य ड्रेसिंग के लिए इस्तेमाल होता है, एचडीएल की मात्रा बढ़ाने के लिए उपयोगी पदार्थ है।
  • एक रिसर्च में चार सप्ताह तक कम वसायुक्त आहार के साथ दो चम्मच अंगूर का तेल नियमित रूप से दिया गया, इससे रक्त में एच डी एल की मात्रा 14 प्रतिशत की दर से बढ़ी।
  • यह भी जरुर पढ़ें – कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण, लक्षण और नियंत्रण के उपाय

कोलेस्ट्रॉल कम करने में इसबगोल भी है काम की चीज

  • इसबगोल के बीजों में कोलेस्ट्रॉल घटाने की शक्ति होती है। कोलेस्ट्रॉल की बढ़ी हुई मात्रा के स्थिति में इनका उपयोग लाभ देता है। इस उद्देश्य के लिए इन बीजों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल में 50 प्रतिशत लिनोलेइक अम्ल होता है जो कि सूरजमुखी के तेल से भी अधिक गुणकारी होता है। इस तेल का एक चम्मच दिन में दो बार लेने से लाभ मिलता है।
  • इसबगोल के औषधीय गुण और घरेलू नुस्खे

जई

  • जई खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम होता है। डॉ. डेविडसन ने हाल ही के एक अध्ययन में देखा कि मध्यम आकार का कटोरा भर जई की भूसी पकाकर खाने या जई के आटे को खाने से कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति को दिन भर में अधिक से अधिक 55 ग्राम जई की भूसी खाना चाहिए। इससे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में 16 प्रतिशत तक कमी आती है। उनमें से कई लोगों का कोलेस्ट्रॉल 10 प्रतिशत तक घटता है। मगर जई की मात्रा बढाने से कोलेस्ट्रॉल कम होने का प्रतिशत नहीं बढ़ता है। जई का आटा भी यही काम करता है मगर इसे चोकर की तुलना में दोगुनी मात्रा में लेना पड़ता है।

जैतून का तेल भी कोलेस्ट्रॉल कम रखने में मदद करता है

  • जैतून के तेल में मोनो सेचुरेटेड वसा अधिक मात्रा में होने से यह कोलेस्ट्रॉल कम करने और धमनियों को सुरक्षित रखने के लिए एक अच्छा भोजन है। यह एचडीएल को घटाए बिना एलडीएल को कम करता है। यह एलडीएल को उन विषैले पदार्थों में बदलने से भी बचाता है जिनके कारण धमनियां रूक जाती हैं और हृदयाघात का खतरा रहता है।
  • एक अध्ययन में यह भी सामने आया है कि जैतून का तेल अन्य कम वसायुक्त भोज्य पदार्थों से अच्छा है। इस अध्ययन में व्यक्तियों को कम वसायुक्त भोजन लेने और कुछ दिन जैतून का तेल युक्त भोजन लेने को कहा गया। यह देखा गया कि जैतून का तेल आहार में शामिल करने से एलडीएल की मात्रा कम वसायुक्त भोजन की तुलना में तेज़ी से घटी। यह भी देखा गया कि एचडीएल की मात्रा भी जैतून के तेल के प्रयोग से बढ़ी मगर कम वसायुक्त भोजन की स्थिति में एचडीएल की मात्रा कम हुई।
  • जैतून का तेल एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के आक्सीकरण को चमत्कारिक रूप से कम करता है | केवल मोनो सेचुरेटेड वसा लेनेवाले लोगों के लिए जैतून का तेल बेहतर चुनाव हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में प्याज के गुण भी है बेजोड़  

  • प्याज से एलडीएल घटता है और एचडीएल बढ़ता है। कच्चा प्याज खाने से एचडीएल तेजी से बढ़ता है। उनके अनुसार हृदय रोगियों में कोलेस्ट्राल बढे हुए लोगों को आधा कच्चा प्याज या इसका रस देने से एचडीएल की मात्रा में 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। स्थानीय औषधियों में प्याज के प्रचलन को देखते हुए अस्पताल में यह प्रयोग किया गया था। यह प्रयोग सफल रहा इसलिए कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए अब मरीजों को प्याज खाने की सलाह दी जाती हैं। प्याज को जितना पकाया जाएगा, उसके गुण उतने ही कम होते जाएंगे। प्याज चिकित्सा ने करीब 70 प्रतिशत मरीजों को लाभ पहुंचाया। यदि किसी व्यक्ति को आधा कच्चा प्याज खाने में दिक्कत हो तो यह मात्रा कम भी की जा सकती है। प्याज की थोड़ी मात्रा भी एचडीएल बढाने में मदद कर सकती है।

सूरजमुखी का तेल है फायदेमंद 

  • सूरजमुखी के तेल में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण होते हैं। इसमें लिनोलेइक अम्ल की मात्रा बहुत अधिक होती है, औसतन 72 प्रतिशत। यह सबसे अधिक बहुअसंतृप्त रसायनों में से एक है। अम्ल प्रयोगशाला में मानवों और जानवरों के रक्त पर किए गए परीक्षणों में कोलेस्ट्राल को घटाने में उपयोगी साबित हुआ है। इसके इस उपयोग के चलते ही बीते कुछ सालो में सूरजमुखी का तेल भोज्य पदार्थ के रूप में बहुत लोकप्रिय हुआ है।

सोयाबीन भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में है लाजवाब

  • सोयाबीन भी कोलेस्ट्रॉल कम करने हेतु महत्वपूर्ण पदार्थ है। यह गुण इसमें बहुतायत में उपस्थित लेसिथिन के कारण आते हैं। लेसिथिन एक वसीय पदार्थ है। जो फास्फो लिपिड्स का महत्वपूर्ण भाग होते हैं। यह पदार्थ बढे हुए कोलेस्ट्राल को कम करने में उपयोगी है। इसमें कोलेस्ट्राल को छोटे-छोटे कणों में बाँटने की क्षमता होती है, जिन्हें शरीर के द्वारा आसानी से निकाल देता है | सोयाबीन इसमें उपस्थित लेसिथिन के कारण कोलेस्ट्राल घटाने हेतु महत्वपूर्ण भोज्य पदार्थ है।
  • लेसिथिन का सेवन पर्याप्त मात्रा में करने पर कोलेस्ट्रॉल धमनियों और शिराओं की दीवारों पर जमा होकर उन्हें मोटा नहीं होने देता। यह कोलेस्ट्रॉल के विघटन से बननेवाले पित्त रस के संश्लेषण की गति को बढ़ाता है जिससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती जाती है। सोयाबीन के अलावा लेसिथिन के अन्य स्त्रोत हैं- तेल, साबुत अनाज और ताज़ा बिना पाश्चुरीकृत दूध।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में सूरजमुखी के बीज भी है उपयोगी 

  • सूरजमुखी के बीज खाने योग्य बीजों में सर्वाधिक प्रचलित हैं। ये सूरजमुखी के फूल के अन्दर धंसे रहते हैं। इनमें प्रोटीन, लौह तत्व और फॉस्फोरस बहुतायत में पाया जाता है, साथ ही ये विटामिन “बी” के भी अच्छे स्त्रोत होते हैं। सूरजमुखी के बीज कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। इन बीजों में लिनोलेइक अम्ल भारी मात्रा में पाया जाता है। यह अम्ल धमनियों और शिराओंकी दीवारों पर जमे कोलेस्ट्रॉल को खत्म करता है। इसलिए मक्खन और क्रीम के स्थान पर सूरजमुखी के बीजों के वसा का उपयोग करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, साथ ही स्वास्थ्य सुधरता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करता है अखरोट 

  • अखरोट भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में बहुत ही उपयोगी है। हाल ही में लोमालिंडा विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन में भी यह बात सामने आई। उन्होंने अपना अध्ययन उन व्यक्तियों पर किया जिनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य थी और वे सभी कम वसायुक्त भोजन ले रहे। थे। उन्होंने उन व्यक्तियों के नियमित आहार में ली जा रही 1800 कैलोरी के लिए करीब 55 ग्राम अखरोट शामिल किए और ऐसा महीने भर तक किया गया। जब उनके आहार में अखरोट शामिल नहीं किए गए थे तब उनके कोलेस्ट्रॉल में 6 प्रतिशत की कमी आती थी मगर अखरोट लेने के बाद यह कमी करीब 18 प्रतिशत हुई। औसत कोलेस्ट्रॉल .57 प्वाइंट्स से कम हुआ। इस तरह यह सामने आया कि कम वसायुक्त भोजन में अखरोट शामिल करने पर वे कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं।
  • अखरोट खाने के फायदे तथा खाने के तरीके (रेसेपी) 

तो आज से ही आप कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए इन सब चीजो को अपनी डाइट में जरुर शामिल करें  और कई घातक रोगों से अपना बचाव करें | बादाम, सेब, आडू, सूखी हुई फलियां, गाजर, खड़ा धनिया, मेथीदाना, लहसुन, अंगूर, अंगूर के बीजों का तेल, इसबगोल, जई, जैतून का तेल, प्याज, सूरजमुखी का तेल, सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज और अखरोट |

यह भी पढ़ें 

Leave a Reply