याददाश्त बढ़ाने और दिमाग तेज करने वाले 12 फ़ूड

जब व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होता तो यह उसके स्वास्थ्य में गिरावट का संकेत है। स्मरण शक्ति की कमी या याददाश्त कमजोर होने के कारण बढ़ती उम्र की निशानी न होकर व्यक्ति की अपने प्रति बढ़ती लापरवाही का प्रमाण होता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि याददाश्त बढ़ाने के लिए दिमाग को किसी न किसी गतिविधि में लगातार उलझाए रखें और सही आहार लें |

ब्रेन की अहमियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं की दिमाग के द्वारा छोड़े गये संकेतो के बिना शरीर का कोई भी अंग काम नहीं कर सकता है। लेकिन कई बार बढ़ती उम्र, गलत आदतों, नशे और जरुरी पोषक तत्वो की कमी आदि से याददाश्त कमजोर होने लगती है। कई प्रयोगशालाओं में हुए प्रयोग यह बताते हैं कि दिमाग बढ़ती उम्र के साथ शिथिल होता ही हो, यह ज़रूरी नहीं है। जब तक यह बीमारियों से दूर रहे, यह सक्रिय अवस्था में बना रहता है। पिछले कई वर्षों से शोधकर्ता यह बताते आ रहे हैं कि इंसान का दिमाग किसी भी आयु में यहां तक कि ज्यादा बूढ़ा होने पर भी कई तरीकों से आश्चर्यजनक रूप से विकास कर सकता है। डा. राबर्ट टेरी के अनुसार दिमाग की कोशिकाओं को न्यूरान कहा जाता है जो सूचनाओं को यहां से वहां पहुंचाने का काम करती हैं। ये न्यूरांस उम्र के साथ मरते नहीं है, ये शिथिल हो जाते हैं ऐसा माना जाता है कि इन न्यूरांस को फिर से सक्रिय बनाया जा सकता है जिससे ये सामान्य रूप से काम कर सकते हैं।

व्यति के शारीरक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, लवण, फास्फोरस, विटामिन्स और हारमोंस सही मात्रा में उपस्थित हो, ज़रूरी है। आज के शोधों के निष्कर्ष इस बात की और इशारा करते हैं कि भोजन मानसिक सक्रियता पाने, मेमोरी बढ़ाने और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

तो आइये जानते है याददाश्त बढ़ाने में सहायक 12 सूपर फ़ूड :

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Top 12 Brain Foods To Boost Memory

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं हींग :

  • हींग एक गोंद नुमा पदार्थ है जो दिमाग और तंत्रिका तंत्र को ताकत देने में सहायता करता है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। यह सुस्त हो रहे अंगों को ताकत और जवानी देता है। इसके चूर्ण को दिमाग के लिए टानिक के रूप में इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
  • डेढ़ चम्मच हींग के चूर्ण को दो कप पानी में उबालना चाहिए। इसके बाद इसे ठंडा करके दिन में कई बार एक एक चम्मच लिया जाना चाहिए। यह दिमाग को चुस्त बनाता है और याद शक्ति को बढ़ाता है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं ब्राह्मी :

  • ब्राह्मी की पत्तियां जिन्हें भारतीय पैनीवार्ट भी कहा जाता है याददाश्त बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी जड़ी-बूटी है। पुराने समय से ही ऐसा माना जाता है कि ब्राह्मी स्मरण शक्ति बढाने में बहुत लाभदायक होती है।
  • इसकी पत्तियों के चूर्ण को दूध के साथ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लिया जाना चाहिए। इससे मानसिक कमज़ोरी भी दूर की जा सकती है। और दिमाग को ठंडक भी मिलती है |
  • ब्राह्मी को लेने का एक और तरीका यह है कि इसकी पत्तियों को छाया में सुखा लिया जाए और बादाम के सात टुकड़े और साढ़े चार मि.ग्रा. काली मिर्च में मिलाकर पानी के साथ पीस लेना चाहिए इसके बाद इसे छानकर शहद मिलाकर मीठा करना चाहिए। इस मिश्रण को पंद्रह दिनों तक सुबह खाली पेट पीना चाहिए। इससे याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए मेहंदी की उपयोगिता  :

  • मेहंदी एक मीठी खुशबूवाला सदाबहार पौधा है जो दो मीटर की ऊचाई तक बढ़ता है। इसे प्राचीन समय से याददाश्त बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। ऐसा भी मान जाता है कि यह हृदय और याददाश्त दोनों को लाभ पहुंचाता है।
  • ग्रीस और रोम के लोग इसके फूलों से सुगन्धित पानी बनाते थे और उसकी महक को सूंघते थे ताकि दिमाग से बुराई खत्म हो जाए और याददाश्त तेज कर सके | मेहदी दिमाग और तंत्रिकाओं के लिए बहुत ही लाभदायक पौधा है। यह आँखों की रौशनी और याददाश्त दोनों को बढ़ाता है।
  • मेहंदी को मानसिक थकान और याददाश्त भ्रम की अवस्था का अचूक इलाज माना जाता है। प्राचीन ग्रीक में पढ़ने वाले बच्चे परीक्षाओं के समय स्मरण शक्ति और याददाश्त बढ़ाने के लिए मेहंदी के फूलों को अपने पास रखते थे। इसकी पत्तियों से बनी चाय विद्यार्थियों के लिए बहुत ही लाभदायक होती है जो उन्हें ताज़गी देती थी और मानसिक थकान या अस्वस्थता का भी उपचार करती है।
  • मेहँदी के पत्तो को अगर सूंघा जाए तो इनसे निकालनेवाली बाष्प सीधे ही दिमाग को उत्प्रेरित करती है जिससे दिमाग एकदम शांत और सचेत हो जाता है। गुलमेहंदी का तेल की मालिश भी लाभकारी होती हैं |

याददाश्त बढ़ाने के लिए सुआ या (बनसौंफ) के लाभ :

  • सुआ को भी कमजोर याददाश्त के लिए बढ़िया उपचार मान जाता है। ऐसा देखा गया है कि सुआ दिमाग के कार्टेक्स पर प्रभाव डालता है जिससे मानसिक थकान में लाभ मिलता है और चित्त एकाग्र होता है। इसके पत्ते सौंफ के पौधे की तरह दिखते है और इसके बीज भी सौंफ की तरह ही पर थोड़े बड़े होते है |
  • इसकी पत्तियों से बनी चाय का सेवन करना स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। इस चाय को बनाने के लिए सूखी हुई पत्तियों पर उबलता हुआ पानी डाला जाता है और कुछ मिनिट तक उसे ढंक दिया जाता है। इसके बाद इसे निथारकर उसमें शहद मिलाकर पीया जाता है। सुआ की ताजी पत्तियों को काटकर भी चाय बनाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह अनिद्रा के लिए भी उपयोगी है तथा उच्च रक्तचाप,गुर्दा रोग, सिर दर्द ,हृदय आदि पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया है |

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं नींबू बाम हर्ब /Lemon Balm Herb :

  • लेमन बाम को भी याददाश्त बढ़ाने वाले भोजन के रूप में जाना जाता है। यह दिमाग के संतुलन और याददाश्त की तेजी के लिए बहुत आवश्यक है। यह दिमाग की थकान को दूर करता है, याद शक्ति को तेज बनाता है, तनाव दूर करता है और उत्साह बढ़ाता है।
  • इसके लिए इस बाम के काढ़े को मनचाही मात्रा में लिया जा सकता है। यह काढ़ा बनाने के लिए लेमन की 30 ग्राम पत्तियों को आधा लीटर पानी में बारह घंटों तक भिगोकर रखते हैं और फिर छानते हैं। इसे दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है। इसकी पत्तियों से बनी चाय को भी इसके लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं फास्फोरस की अधिकता वाले भोज्य पदार्थ :

  • वे सभी फल जिनमें फास्फोरस अधिक मात्रा में होता है, याददाश्त बढ़ाने के लिए लाभदायक होते हैं। ये फल दिमाग की कोशिकाओं और ऊतकों को उर्जा से भर देते हैं। अंजीर, अंगूर, खजूर , बादाम, संतरा, अखरोट और सेब में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है।
  • फास्फोरस की अधिकता वाले फल दिमाग की कमज़ोरी के कारण याददाश्त में कमी की स्थिति में इनका उपयोग लाभ देता है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं बादाम :

  • बादाम यह प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण मेवा याददाश्त बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है। बादाम खाने से याद्दाश्त तेज रहती है क्योंकि बादाम में विटामिन और मिनरल्स जैसे विटामिन इ ,जिंक,केलशियम ,मैग्नीशियम और ओमेगा- 3 फैटी एसिड से भरपूर मात्रा में होते है। यह दिमाग की कमज़ोरी के कारण मेमोरी में आई कमी को ठीक करने में महत्वपूर्ण है। यह ड्राई फ़ूड दिमाग को नया जीवन देता है और तंत्रिका तंत्र की कई बीमारियों का इलाज करता है।
  • बादाम को करीब दो घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए ताकि उसका छिलका निकल जाए। इसके बाद उन्हें पीसकर पेस्ट बनाना चाहिए और इसे मक्खन के साथ या अकेले ही खाना चाहिए। बादाम लेने का सबसे उपयोगी तरीका बादाम का दूध है। इसे बनाने के लिए छिलका निकाले हुए बादाम को पीसकर उसमें ठंडा उबला हुआ पानी मिलाया जाता है। स्वाद के लिए इसमें शहद भी मिलाया जाता है। यह बहुत ही स्वादिष्ट और पोषक पेय होता है। 250 ग्राम बादाम से एक लीटर बादाम का दूध बनाया जा सकता है।
  • बादाम के तेल की 10 से 15 बूंदों को नाक में डालकर सांस लेने से दिमाग की कमज़ोरी दूर होती है और स्मृति बढ़ती है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं सेब :

  • सेब भी याददाश्त बढ़ाने वाला फल है। यह भूलने की बीमारी में कारगर है। इसमें उपस्थित विविध पदार्थ दिमाग की कोशिकाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। इसमें ट्रेस लवण बोरोन पाया जाता है जिसके कारण सेब को याददाश्त बढ़ाने वाले भोजन की श्रेणी में रखा जाता है।
  • शोध मनोवैज्ञानिक डा. जेम्स पीनलैंड हाल ही में किए गए प्रयोगों के आधार पर बताते हैं कि ये ट्रेस लवण दिमाग की विद्युतीय प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। उन्होंने 45 वर्ष की आयु वाले 15 लोगों को चार महीनों के लिए बोरोन युक्त आहार और बोरोन रहित आहार पर रखा।
  • जब लोगों को बोरोन की मात्रा कम दी गई तो उनके दिमाग के न्यूरांस की गतिविधि में अस्पष्टता और मंदी देखी गई। उनके दिमाग में थीटा तरंगों का निर्माण अधिक होने लगा और अल्फ़ा किरणों की मात्रा घटने लगी। ऐसा होने से व्यक्ति को नींद सी महसूस होने लगती है। डा. जेम्स ने बताया। जब उन्ही लोगों को बोरोन की अधिकतावाला (लगभग 3 मि.ग्रा. रोज) आहार दिया गया तो उनके दिमाग की न्यूरांस गतिविधि बढ़ गई।
  • दो सेब में 1 मि.ग्रा बोरोन होता है जो दिमाग को सक्रिय बनाता है। एक सेब शहद और दूध के साथ लेना दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं जीरा :

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं काली मिर्च :

  • काली मिर्च सभी मसालों में से सबसे पुराना और प्रसिद्ध पदार्थ है। इसे मसालों का राजा कहा जाता है। यह तीव्र सुगंध और तीखे स्वादवाला, पाचक और उत्तेजक और तंत्रिकाओं के लिए टानिक का कम करने वाला पदार्थ है।
  • याददाश्त बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण है। एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च शहद के साथ मिलाकर लिया जा सकता है। इसे सुबह और शाम लिया जाना चाहिए। काली मिर्च याददाश्त को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। Read More – काली मिर्च के 35 औषधीय गुण तथा फायदे |

याददाश्त बढ़ाने के लिए खाएं अखरोट :

  • अखरोट एक महत्वपूर्ण मेवा है जो मानसिक कमज़ोरी के कारण आई भूलने की बीमारी को ठीक करने और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। यह भी पढ़ें – शहद के फायदे और इसके 35 घरेलू नुस्खे |
  • यदि इसे अंजीर या किशमिश के साथ लिया जाए तो इसका प्रभाव और बढ़ जाता है। यदि इसे अकेले ही खाया जाना हो तो रोज कम से कम बीस ग्राम अखरोट खाने चाहिए। दिमाग तेज करने और स्मरण शक्ति बढाने के लिए इसका सेवन अवश्य करें |

याददाश्त बढ़ाने के लिए जटामांसी की अहमियत :

  • जटामांसी औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी-बूटी है। यह याददाश्त को तेज करने का एक अच्छा स्रोत  है। एक कप दूध में एक चम्मच जटामासी को मिलाकर पीने से याददाश्त बढ़ाने के साथ साथ  दिमाग भी तेज होता है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए केसर की उपयोगिता :

  • केसर का उपयोग खाने में स्‍वाद बढ़ाने के सा‍थ-साथ अनिद्रा और डिप्रेशन दूर करने वाली दवाओं में किया जाता है। दिमाग तेज करने याददाश्त बढ़ाने और स्मरण शक्ति बढाने के लिए इसको सोने से पहले गर्म दूध में मिलाकर पीना चाहिए |
  • इन सब के अतिरिक्त याददाश्त बढ़ाने के लिए अजवायन, दालचीनी , जायफल , दही , स्टाबेरी ,तुलसी , ब्रह्मी , जामुन, ब्रोकली , Salmon Fish को किसी ना किसी रूप में जरुर उपयोग करें |

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