19 सूपर फ़ूड : डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए

डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक फल और सब्जियां –  मधुमेह की बीमारी पोषाहार की बीमारी है जिसमें खून में शुगर का अनुपात बढ़ जाता है और यह बढ़ी हुई शुगर यूरिन के द्वारा बाहर निकालने लगती है। मधुमेह की स्थिति शरीर में इन्सुलिन हारमोन की कमी से उत्पन्न होती है जिसके कारण शरीर में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पाचन में रूकावट आती है।

शुगर कंट्रोल कैसे करे ? यह सवाल मधुमेह पीड़ित व्यक्ति के लिए हमेशा बना रहता है इसलिए इस पोस्ट में हम उन फलों और सब्जियों के बारे में फ़ूड साइंस के आधार पर तर्को के साथ विस्तार से बतायेंगे जो आपकी इस परेशानी को हल करने में मदद करेगा |

बहुत पहले से ही डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए लिए गेहूं के उपयोग का सुझाव दिया जाता है। तब से अब तक अधिक बदलाव नहीं आया है। मधुमेह के इलाज के लिए आज भी पौधों से प्राप्त पदार्थ पहली पसंद हैं। हाँ, आज वैज्ञानिकों के पास पौधों के उपयोग को साबित करने के लिए ठोस वैज्ञानिक आधार हैं। यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के देशों में प्याज और लहसुन मधुमेह विरोधी भोजन के रूप में प्रसिद्ध हैं। करेला और जिन्सेंग पुराने समय से ही भारत और चीन में मधुमेह के इलाज के लिए प्रचलित रहा है। यूरोप के कुछ हिस्सों में रक्त की शुगर के अनुपात को कम करने के लिए मशरूम का भी प्रयोग किया जाता है। ईराक में जौ से बनी ब्रेड या रोटी इसके इलाज के लिए उपयोग में लाई जाती है।

आधुनिक समय में किए गए प्रयोगों से भी यह सामने आया है कि इनमें से अधिकतर भोज्य पदार्थ शरीर में शुगर की मात्रा को कम कर सकते हैं या इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – चुकंदर

  • चुकंदर एक टयूबरस जड़ है जिसका ऊपरी हिस्सा सूरजमुखी की तरह होता है। इसमें एंटीबायोटिक गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें पोटेशियम अधिक मात्रा में, कैल्शियम सामान्य मात्रा में और थोड़ा सा सल्फर और लौह तत्व भी पाया जाता है।
  • चुकंदर में उपस्थित इन्सुलिन की अधिक मात्रा के कारण यह मधुमेह के इलाज के लिए उपयोगी होता है। इसका प्रयोग मधुमेह के रोगियों द्वारा ठंड के मौसम में किया जाना चाहिए क्योंकि इस मौसम तक यह पूरी तरह से पक जाता है और इसमें इन्सुलिन की मात्रा सामान्य से दो प्रतिशत अधिक होती है। सर्दियां खत्म होते-होते यह इन्सुलिन शुगर में बदल जाता है। चुकंदर को सलाद के रूप में कच्चा ही खाना चाहिए। यदि इसे पकाकर ही खाना हो तो इसे छिलका उतारे बिना ज़रा से पानी में दस मिनिट तक उबालना चाहिए और सब्जियों के साथ मिलाकर खाना चाहिए।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – बंगाली चना

  • बंगाली चना जिसे चिकन पी भी कहा जाता है भारत की महत्वपूर्ण दालों में से एक है। यह सुखाए हुए बीज के रूप में पूरा और बीज को तोड़कर बनाई गई दाल, दोनों ही रूपों में खाया जाता है। इसमें औषधीय गुण होते हैं। इसे रात भर पानी में भिगोकर सुबह शहद के साथ खाने से यह चना किसी टॉनिक की तरह काम करता है। चना जिस पानी में भिगोकर रखा जाता है, उसका भी उपयोग टॉनिक की तरह किया जा सकता है।
  • बंगाली चना डायबिटीज कंट्रोल वाला फ़ूड है। प्रयोगों द्वारा यह साबित हुआ है कि चने का पानी पीने से मधुमेह के रोगियों और सामान्य मनुष्यों में ग्लूकोज के उपयोग की दर बढ़ जाती है जिससे रक्त में अधिक शुगर जमा नहीं हो पाती। मधुमेह के रोगी को अपनी डाइट को लेते हुए अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट लेना बंद नहीं करना चाहिए बल्कि अपने भोजन में बंगाली चने की खासी मात्रा को शामिल करनी चाहिए |

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -करेला

  • करेला मधुमेह के उपचार में प्राचीन काल से ही उपयोग में लाया जाता रहा है। ब्रिटिश चिकित्सकों के एक समूह ने यह सिद्ध किया कि इसमें इन्सुलिन के समान एक पदार्थ होता है जिसे पौधों का इन्सुलिन कहते हैं जो कि खून और यूरिन में शुगर की मात्रा कम करने में सहायता करता है।
  • इसे मधुमेह के रोगियों के भोजन में आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाना चाहिए। फल की तुलना में इसका रस अधिक प्रभाव उत्पन्न करता है। मधुमेह के रोगियों को तीन या चार करेलों का रस सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इसके बीजों को पीसकर भोजन में मिलाया जा सकता है। मधुमेह के रोगी इसके टुकड़ों को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, या इसके पाउडर को द्रव भोजन के साथ मिलाकर उपयोग में ला सकते हैं।
  • मधुमेह के रोगियों में से अधिकांश रोगी कुपोषण (Malnutrition) से ग्रस्त होते हैं । करेले में विटामिन ए,बी 1, बी 2, सी और लौह तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका नियमित उपयोग मधुमेह के साथ रक्तचाप, आँखों की बीमारियां, और कार्बोहाइड्रेट के पाचन की अनियमितता को समाप्त करता है। डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड की इस लिस्ट में ये काफी महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है | और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें – करेले के जूस के 21 फायदे तथा जूस बनाने की विधि
Diabetes Control Food Items डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए

Diabetes Control Food Items

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – काला चना

  • काला चना भारत की सबसे कीमती दालों में से एक है। इसे शान्ति दायक टॉनिक माना जाता है। यह एंटीबायोटिक भोजन है। अंकुरित चने यदि एक कप करेले के रस के साथ खाए जाए तो यह मिश्रण साधारण मधुमेह के इलाज में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। इसे लगातार तीन-चार महीनों तक इस्तेमाल करना चाहिए और इस दौरान कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गंभीर मधुमेह की दशा में भी अन्य सावधानियों के साथ इस मिश्रण को भी नियमित रूप से लिया जाए तो स्वास्थ्यावर्धक भोजन की तरह काम करता है और उन सारी बीमारियों से बचाता है जो मधुमेह के रोगियों में कुपोषण की वजह से हो जाती हैं। अंकुरित चने को पीसकर निकाला गया दूध भी मधुमेह के लिए उपयोगी होता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – ब्रोकोली

  • ब्रोकोली गोभी से मिलती-जुलती सब्ज़ी है जो यूरोप में लंबे समय से प्रचलन में है। यह सब्जी भी एंटीबायोटिक गुण रखती है। इसमें क्रोमियम भरपूर मात्रा में होता है जो कि रक्त की शुगर को कम करने में सहायता देता है। अपने इस गुण के कारण यह मधुमेह के रोगी की दवाइयों तथा इन्सुलिन पर निर्भरता कम कर देता है।
  • यदि किसी व्यक्ति में मधुमेह के कम लक्षण हैं तो क्रोमियम उन्हें बढ़ने से रोक देता है। यदि किसी व्यक्ति की ग्लूकोज़ को सहने की शक्ति बिलकुल खतरे के निशान पर है तो क्रोमियम इसे नियंत्रित कर सकता है। यहां तक कि रक्त की शुगर कम होने पर यह उसे सामान्य तक ला सकता है। एंडरसन के अनुसार टाइप 2 मधुमेह की दर के बढ़ने का कारण भोजन में क्रोमियम की कमी ही है। वे 1980 के दौरान 14 विद्यार्थियों द्वारा किए गए शोध का हवाला देते हुए कहते हैं कि क्रोमियम ग्लूकोज सहने की शक्ति को बढ़ाता है।
  • हर रोज के भोजन में क्रोमियम की आवश्यक मात्रा 50 से 200 माइक्रोग्राम है। ब्रोकोली के अलावा साबुत अनाज, अखरोट, मशरूम, रुबार्ब, बंगाली चना, सेम, सोयाबीन, काला चना, पान के पत्ते, करेला, अनार और अन्ननास में क्रोमियम ज्यादा पाया जाता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – पलाश या ढाक के पत्ते

  • पलाश या ढाक जिसे जंगल की आग भी कहा जाता है, भारत में जाना-पहचाना पौधा है। इस पेड़ की पत्तियां एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होती हैं। यह मधुमेह के रोगियों में रक्त में शुगर की मात्रा घटाने में लाभ देती है। ये ग्लाइकोसोरिया रोग में, जिसमें मूत्र में ग्लूकोज की अत्यधिक मात्रा रहने लगती है के उपचार में भी लाभ देते हैं। पत्तियों का कच्चा चबाया जा सकता है या उनका काढ़ा बनाया जा सकता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड – दालचीनी

  • दालचीनी मसाले के रूप में प्रसिद्ध है यह शरीर की इन्सुलिन गतिविधि को उत्तेजित करती है और इस कारण मधुमेह के उपचार में बहुत ही उपयोगी होती है। दालचीनी के अलावा भी कई मसाले ऐसे हैं जो मधुमेह के उपचार में लाभदायक होते हैं। इन्हें जिस पदार्थ में मिलाया जाता है, उसमें ये शक्कर की मात्रा को कंट्रोल करते हैं।
  • यूनाइटेड स्टेट के ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के डा. एंडरसन ने यह खोज की कि कुछ मसाले इन्सुलिन उत्पादन की प्रक्रिया को उत्तेजित करते हैं अत: वे शुगर के पाचन में शरीर की मदद करते हैं और बाहरी इन्सुलिन की आवश्यकता को कम करते हैं। तीन मसाले शुगर रोगियों के लिए ज्यादा लाभदायक है – दालचीनी, लौंग, हल्दी और तेजपत्ते ये इन्सुलिन को बढ़ाते हैं | इनमें से दालचीनी सबसे कारगर है | किसी भी खाने पर दालचीनी के पाउडर की ज़रा सी मात्रा छिड़कने खाएं |

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -मीठा नीम / कढ़ी के पत्ते

  • मीठे नीम की पत्तियां जो एक सुन्दर, सुगन्धित होती हैं, स्वाद में हल्की सी कड़वी और विशेष सुगंध लिए हुए होती हैं। इनमें हर्बल टॉनिक के गुण पाए जाते हैं। ये मधुमेह के रोगियों के लिए बढ़िया भोजन में से एक है।
  • नीम की दस पत्तियां तीन महीने तक नियमित रूप से सुबह खाली पेट चबाने से आनुवांशिक कारणों से होने वाले मधुमेह की संभावना को कम किया जा सकता है। इन पत्तियों में वजन कम करने की भी क्षमता होती है अत: मधुमेह के कारण वजन बढ़ने की समस्या पर इनके सेवन से नियंत्रण पाया जा सकता है। जैसे ही वजन कम होता है, मधुमेह के मरीज के यूरिन में शुगर का आना बंद हो जाता है। इन पत्तियों को चटनी या रस के रूप में छाछ के साथ लिया जा सकता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -मेथीदाना

  • मेथी एक जानी-पहचानी पत्तेदार सब्ज़ी है। राष्ट्रीय पोषाहार संस्थान, हैदराबाद में हुए एक अध्ययन के अनुसार यदि मेथीदाने को 25 ग्राम से 100 ग्राम तक की मात्रा में मधुमेह के रोगी को रोज़ दिया जाए तो इससे उन रोगियों में हाइपर ग्लाइसिमिया (शुगर की अधिकता) दूर होता है। इसके प्रयोग से ग्लूकोज़ का स्तर भी कम हुआ।
  • इन अध्ययनों से पता चला कि यदि मधुमेह का रोगी अपने भोजन में से कैलोरी के साथ मेथीदाने का सेवन कर रहा हो तो मेथीदाने ज्यादा अच्छा प्रभाव पड़ता है | मधुमेह के रोगियों द्वारा मेथीदाने का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। एक चम्मच बीज पानी के साथ निगले जा सकते हैं। इन बीजों को रात भर पानी में भिगोकर फिर खाली पेट इन्हें खाया जा सकता है। भीगे हुए बीजों को पीसकर इस चूर्ण के एक चम्मच को दूध के साथ दिन में दो बार लिया जा सकत है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -लहसुन

  • वैज्ञानिक परीक्षणों में लहसुन को मधुमेह के रोगियों में शुगर का अनुपात कम करनेवाला पाया गया है। इस सब्ज़ी में पोटेशियम की मात्रा भरपूर होती है जो कि मधुमेह के रोगियों में आई कमी को दूर करता है। इसमें जिंक और सल्फर भी होता है जो इन्सुलिन के घटक होते हैं।
  • लहसुन में मैगनीज होता है, यह शुगर के स्तर को कम करने के अलावा लहसुन मधुमेह के रोगियों को अन्य लाभ भी देता है। यह मधुमेह के रोगियों में सामान्यतः होने वाली बीमारी एथेरोस्केलेरोसिस को रोकता है। मधुमेह के रोगियों को अपने भोजन में रोज़ एक या दो लहसुन की कलियां कची या पकी हुई लेनी चाहिए। और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें – लहसुन खाने के फायदे और 12 बेहतरीन औषधीय गुण |

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -अंगूर

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिएDiabetes Control Food Items

Diabetes Control Food Items

  • अंगूर अपने स्वाद, पाचक गुण और स्फूर्तिदायक प्रकृति के कारण एक प्रसिद्ध फल है। यह स्वास्थ्यवर्धक और टॉनिक के समान काम करता है।
  • पोषाहार के क्षेत्र में जाने-माने चिकित्सक डॉ. जो शैलबी रिले का कहना है कि अंगूर मधुमेह के उपचार के लिए शानदार भोजन है उनके अनुसार यदि किसी व्यक्ति के परिवार में यह बीमारी है तो उसे मधुमेह है या उसे मधुमेह नहीं है दिन में तीन बार अंगूर खाने चाहिए। साथ ही उन्हें अपने भोजन में स्टार्च, शक्कर और वसा की मात्रा को कम करके फल, सब्जियों की मात्रा बढ़ानी चाहिए। यदि मरीज द्वारा इन्सुलिन नहीं लिया जा रहा हो तो दो हफ़्ते के अन्दर ही रोग पर नियंत्रण पा लिया जाता है। इन्सुलिन लेने की दशा में इसमें अधिक समय लगता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -आंवला

  • यह प्रकृति द्वारा मानव को दिए गए उपहारों में से एक है। यह विटामिन सी और स्त्रोत है जो कि आसानी से मानव शरीर द्वारा ग्रहण किया जा सकता है।
  • आँवला मधुमेह के रोगियों के लिए आदर्श भोजन है। इसका एक चम्मच रस एक कप करेले के रस में मिलाकर दो महीने तक नियमित रूप से लेने पर यह लैंगरहेस कोशिकाओं को उत्तेजित करके प्राकृतिक इन्सुलिन के स्त्राव को बढ़ाता है।
  • इससे रक्त में शुगर की मात्रा कम होती जाती है। इस उपचार को करते समय खान पान में सावधानी बरतनी चाहिए। यह मधुमेह के कारण होने वाली आंख की तकलीफ़ों से भी बचाता है। और जानकारी के लिए देखें – जाने आंवले के बेहतरीन औषधीय गुण |

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -इसबगोल

  • इसबगोल जिसे स्पोजेल के बीज के नाम से भी जाना जाता है, इसके बीजों में काफी मात्रा में उपस्थित लसदार पदार्थ (म्यूसिलेज) और अल्ब्युमिनस पदार्थ होते हैं।
  • यह आंतों द्वारा अधिक शुगर के अवशोषण को रोककर ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है। इसबगोल को साबुत बीजों के रूप में या इसकी भूसी के रूप में लिया जा सकता है। इसकी भूसी बीजों के सूखे हुए छिलकों से बनाई जाती है और इसे बनाने के लिए बीजों को पीसकर भूसे को फटककर अलग कर लिया जाता है।
  • इस भूसी में भी बीजों के ही गुण होते हैं। इस भूसी के सेवन से पेट की तकलीफ़ भी दूर होती है, यह कब्ज़ को दूर करती है जो कि एक और एक्स्ट्रा फायदा है। इसलिए इस भूसी को आसानी से बिना भिगोए भी लिया जा सकता है और यह उपयोग में बीजों से ज़्यादा आसान है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -जामुन

  • जामुन भी एंटीबायोटिक गुण होते हैं। आयुर्वेदिक उपचार पद्धति में मधुमेह के इलाज में इसे काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जामुन का फल, रस और गुठली सभी का उपयोग मधुमेह के उपचार में किया जाता है।
  • ऐसा विश्वास है कि बीज में उपस्थित जम्बोलाइन नामक पदार्थ शरीर में स्टार्च के शुगर में बदलने की प्रक्रिया को नियंत्रित करके रक्त में शुगर की मात्रा कम करने की शक्ति रखता है। इन बीजों को सुखाकर पीस लिया जाता है और पानी के साथ दिन में दो या तीन बार लिया जाता है। यह यूरिन में शुगर की मात्रा को कम करता है और बार-बार लगनेवाली प्यास को भी कम करता है।
  • आयुर्वेद में जामुन के पेड़ की छाल का अन्दर का हिस्सा भी मधुमेह के उपचार में प्रयोग में लाया जाता है। छाल को सुखाकर जलाया जाता है। उस पाउडर को मरीज की सिथ्ती के अनुसार आंकलन करके नियम से दिया जाता | ज्याद जानकारी के लिए पढ़ें जामुन के फायदे और 25 बेहतरीन औषधीय गुण

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -सेम या रमास

  • फलियां विश्वभर में सामान्यतः खाए जानेवाले भोज्य पदार्थों में से एक हैं। इनके कई प्रकार होते हैं। इनमें से सामान्यत: सेम के बीज या रमास प्रमुखत: खाया जाता है।
  • फलियों में कार्बोहाइड्रेट और रेशों की मात्रा अधिक होती हैं। मधुमेह को दूर करने या नियंत्रण में रखने के लिए फलियों का सेवन नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
  • डा. एंडरसन कहते हैं कि जो भोजन कोलेस्ट्राल की मात्रा को कम करने और हृदय की बीमारियों से बचने के लिए खाया जाता है, वही भोजन मधुमेह के इलाज में भी काम आ सकता है चूंकि मधुमेह के रोगियों को भी हृदयाघात का खतरा बना रहता है।
  • इस प्रकार के भोजन से मतलब घुल जाने वाला भोजन रेशेदार भोजन और फलियों से है।
  • मधुमेह के उपचार में सेम का खासा महत्व है। इससे बनाया गया सूप या काढ़ा मधुमेह के लिए बढ़िया खाना है। इस काढ़े को हर दो घंटे के अंतराल में एक गिलास की मात्रा में लेना चाहिए।
  • इस काढ़े को बनाने के लिए 60 ग्राम सेम की फलियों के बीज निकालकर चार लीटर पानी में धीमी आंच पर चार घंटे तक उबाला जाता है। फिर इसे बारीक कपड़े से छाना जाता है और आठ घंटे तक रखा जाता है। इस काढ़े को रोज बनाकर पीना चाहिए क्योंकि 24 घंटे बाद इसके औषधीय गुण खत्म हो जाते हैं। इस उपचार को लगातार 4 से 6 सप्ताह तक करना चाहिए। इसके साथ ही आहार की नियमितता का पालन किया जाना चाहिए।
  • फली का रस भी मधुमेह के इलाज में काम आता है। यह इन्सुलिन के उत्पादन की दर को बढ़ाता है। इस रस को अंकुरित ब्रुसेल्स के साथ लिया जाता है। मरीज को भोजन में पूरा परहेज़ रखना चाहिए।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -आम की पत्तियां

  • आम की नई पत्तियां मधुमेह रोधक गुण रखती हैं। इन पत्तियों को रात भर पानी में भिगोकर रखने और सुबह उन्हें निचोड़कर बनाया गया काढ़ा लेने से मधुमेह के उपचार में मदद मिलती है।
  • अन्य उपाय के रुप में पतियों को सुखाकर पीस लिया जाता है और आवश्यकतानुसार आधा चम्मच चूर्ण को पानी या छाछ के साथ दिन में दो बार लिया जा सकता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -नीम

  • यह पेड़ भारत में बहुतायत में पाया जाता है और आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली में इसका बड़ा महत्व है। इस पेड़ को सामान्यत: हवा को शुद्ध करनेवाला माना जाता है। इस पेड़ के सभी हिस्से औषधीय गुण रखते हैं।
  • नीम की पतियों में एंटी बायोटिक गुण होते हैं। इनके रस का सेवन करने से रक्त में शुगर की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है। इसके लिए 5 मि.ली रस को सुबह खाली पेट लेना चाहिए। यह उपचार तीन महीने तक लगातार करना चाहिए। इसके स्थान पर नीम की दस पत्तियाँ रोज़ सुबह चबाने से भी लाभ मिलता है।
  • कुछ लोग नीम की कोमल पत्तियों के छाया में सुखाकर उन्हें पीस लेते हैं और मधुमेह के इलाज में उनका उपयोग करते हैं। इस चूर्ण को 1-1 ग्राम की मात्रा में दिन में कई बार लेना चाहिए। यह भी पढ़ें – नीम के बेहतरीन औषधीय गुण-सौन्दर्य के लिए

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -प्याज

  • आधुनिक समय में हुए शोध भी यह बताते हैं कि यह तीखे स्वाद और गंधवाली प्याज रक्त शुगर की मात्रा को कम कर सकती है।
  • भारत में हुए ताज़ा प्रयोग में वैज्ञानिकों ने कुछ लोगों को प्याज और प्याज का रस 25 से 200 ग्राम तक की मात्रा में दिया और यह पाया कि इससे रक्त में शुगर कम होता है | आप इसे कैसे भी खा सकते हैं, कच्चा या पकाकर |

डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड -सोयाबीन

  • सोयाबीन पौष्टिक भोज्य पदार्थों में से एक है। यह संभवत: मनुष्य द्वारा उगाई गई प्रारंभिक फसलों में से एक है। यह अपनी पौष्टिकता के लिए जाना जाता है। यह प्रोटीन, विटामिन, लवण और अन्य तत्वों का अच्छा स्त्रोत है।
  • सोयाबीन मधुमेह की चिकित्सा में खासा महत्व रखता है। मधुमेह के लिए सोयाबीन बहुत महत्वपूर्ण है चूंकि इससे बनी ब्रेड में स्टार्च की मात्रा बहुत ही कम होती है मगर यह प्रोटीन और वसा से भरपूर होती है और इनकी गुणवत्ता अधिक होती है।
  • जब 1910 में फ्रीडन वॉल्ड और रुहार ने सोयाबीन को मधुमेह के उपचार में उपयोगी बताया, तब से सोयाबीन का उत्पादन औषधीय उपयोग के लिए भी होने लगा है। मधुमेह के रोगियों के लिए इसकी उपयोगिता केवल इसमें उपस्थित प्रोटीन या विटामिन के कारण नहीं है बल्कि यह मधुमेह के रोगियों में अपनी किन्ही क्रियाविधियों के द्वारा रक्त में शुगर की मात्रा को भी घटाता है। हाँ, उपचार के दौरान मधुमेह के रोगियों में खानपान का नियम से पालन ज़रुरी है। यह भी पढ़ें – डायबिटीज से जुड़े 30 आम भ्रम और गलतफहमियां

तो अपने पढ़ा की कैसे खानपान के सही चुनाव से आप कैसे मधुमेह से जीत सकते है | डायबिटीज कंट्रोल करने वाला सुपर फ़ूड के इस लेख में उपलब्ध सभी जानकारी काफी रिसर्च करके दी गई है फिर भी आपसे अनुरोध है की इस जानकारी के अनुसार अपने खाने में परिवर्तन लाने से पहले आप अपने चिकित्सक से राय अवश्य लें |

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