Tonic & Multivitamin Tablets: लाभ और साइड इफ़ेक्ट

आपने ऐसे अनेक व्यक्तियों को देखा होगा, जो शरीर की तंदुरुस्ती को बनाए रखने के लिए घूमना, दौड़ना, कसरत करना आदि से जी चुराते हैं और इसके बदले में बाजार में उपलब्ध Tonic के नाम से मिलने वाली रंगबिरंगी गोलियों, कैप्सूलों और सिरप की शीशियों में पैक दवाओं से अपनी तंदुरुस्ती कायम रखना चाहते हैं। बाजार में अनेक प्रकार के Tonic मिलने लगे हैं। तंदुरुस्ती बढ़ाने वाले Tonics के अलावा आजकल Hair Tonic (बालों के लिए), Skin Tonic (त्वचा के लिए), Sex Tonic (यौन शक्ति बढ़ाने के लिए) भी मिलने लगे हैं।

सच्चाई यह है कि इन Tonics से उतना फायदा नहीं होता है, जितना बढ़ा चढ़ा कर विज्ञापनों में बताया जाता है। दूसरे, यदि कुछ फायदा होता भी है, तो उसके ढेर सारे साइड इफ़ेक्ट भी होते हैं। दरअसल एक अच्छी सेहत पाने का कोई शोर्ट कट तरीका नहीं होता है |

Tonic, Vitamins के फायदे और नुक्सान :

tonic multivitamin tablet benefits and side effects

Tonics and Multivitamin Tablets

Tonic, Vitamins क्यों दिए जाते हैं ?

एक सामान्य मेडिकल प्रेक्टिशनर अपनी रोजमर्रा की प्रेक्टिस में रक्त की कमी, भूख न लगना, भोजन न पचना, कमजोरी महसूस होना, उम्र के अनुसार शरीर का विकास न होना, रोगमुक्त होने के बाद की कमजोरी दूर करने के लिए मरीजो को Tonic या विटामिन की दवाएं लेने की सलाह देते हैं। जबकि होना यह चाहिए कि सबसे पहले मूल बीमारी का पता कर लिया जाए। प्राय: आम लोगों में यह धारणा घर कर गई है कि अधिकाधिक मात्रा में विटामिंस, हार्मोस, वजन बढ़ाने वाली या तत्काल ताकत देने वाली गोलियां ली जाएं, तो तुरंत लाभ होता है, जबकि वास्तविकता यह है कि इनकी 90 प्रतिशत से ज्यादा मात्रा बिना हजम हुए ही शरीर से बाहर निकल जाती हैं।

Tonic, Vitamins कब हैं लाभकारी ?

  • विशेषज्ञों की राय के अनुसार भोजन के पहले कभी भी विटामिन की गोली नहीं खाना चाहिए। विटामिन शरीर को तभी लाभ पहुंचाते हैं, जब शरीर के पाचन संस्थान में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट मौजूद रहता है। भोजन के बाद इनका सेवन करने से विटामिंस पूरे प्रभाव के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होते हैं।
  • किसी एक विटामिन की जरूरत से अधिक मात्रा दूसरे विटामिन के प्रभावृ को कम कर देती है। विटामिन ‘ए’ को हमेशा विटामिन “ई’ के साथ लेना चाहिए। इन दोनों विटामिनों को लेने के बाद आयरन की मात्रा अधिक नहीं लेना चाहिए।
  • यदि आप अधिक कैल्शियम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके शरीर में मैगनीशियम की मात्रा कम होने का खतरा रहता है। शरीर के लिए मैगनीशियम बहुत आवश्यक है, क्योंकि यही भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जिससे हमें शक्ति मिलती है।

विटामिनों से लाभ :

  • अधिक विटामिंस की जरूरत आमतौर पर उन्हें होती है, जो लोग नियमित व्यायाम करते हैं, खेलते-कूदते हैं, डायटिंग करते हैं, तनाव में रहते हैं, सिगरेट पीते हैं या जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां सेवन करती हैं, उन्हें यदि कम विटामिन मिले, तो सेहत गिरती जाती है।
  • विटामिनों के सेवन से बालों में चमक आ सकती है, त्वचा चमकदार और स्वस्थ होती है, नाखून कड़े हो सकते हैं।
  • आवश्यकता से अधिक सेवन किए गए विटामिनों के साइड इफ़ेक्ट लक्षण भी पैदा हो सकते हैं।
  • जैसे की विटामिन ‘ए’ की अधिक मात्रा निरंतर लेते रहने से ‘हाइपर विटामिनोसिस ए” रोग होने से लीवर और तिल्ली क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। हड़ियों में धीरे-धीरे सूजन बढ़ती चली जाती है। परिणामस्वरूप भूख न लगना, अपच, घबराहट, अनिद्रा की शिकायतें होने लगती हैं।
  • इसी प्रकार विटामिन “डी’ की अधिकता से Kidneys में पथरी, उलटी, मितली, पेट में दर्द, प्यास की अधिकता, भूख की कमी और कब्जियत की शिकायत उत्पन्न होने लगती है।
  • विटामिन ‘के’ की अधिकता से बच्चों में पीलिया रोग हो जाता है।
  • अधिक समय तक या अधिक मात्रा में यदि iron tonic लिए जाएं, तो पेट के रोगों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ा, अपच, वमन आदि की तकलीफ हो सकती है।
  • भूख बढ़ाने और अच्छा महसूस करने के लिए Tonic में अल्कोहल मिलाया जाता है। प्रारंभ में इसका प्रभाव व्यक्ति को अच्छा मालूम पड़ता है, लेकिन अधिक समय तक सेवन करने से बहुत दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं। पेट की कई बीमारियां हो जाती हैं।
  • मानसिक और शारीरिक, दोनों रूप से अल्कोहल का बुरा प्रभाव होता है। ग्लिसरोफास्फेट्स प्रमुखता से सभी Tonics में इस्तेमाल किए जाते हैं। इनका शरीर में शोषण बहुत धीरे-धीरे होता है, इसीलिए इसके Side Effects भी धीरे धीरे महसूस होते हैं। पेट में गैस और लीवर की बीमारी ग्लिसरोफास्फेट्स के ज्यादा होने से होती है।
  • इसका मुख्यत: प्रयोग तंत्रिका दुर्बलता में किया जाता है। शारीरिक शक्ति को कम कर देने वाली बीमारियों में भी इसका प्रयोग किया जाता है।
  • इसी प्रकार से हार्मोन के अधिक प्रयोग करने से महिलाओं को दाढ़ी-मूंछ आना, भूख बढ़ाने में स्ट्रिकनीन का प्रयोग करने से शारीरिक दुष्प्रभाव, वजन बढ़ाने के लिए एनाबलिक स्टेटायड लेने से गुर्दे संबंधी अनेक विकार उत्पन्न हो जाते हैं। इसलिए बिना आवश्यकता के या डॉक्टरी परामर्श के इनका परहेज ही करना चाहिए।  जाने दवाइयों के सेवन से जुडी सावधानियां और Medicine Side Effects

 Tonic के बजाय पौष्टिक आहार ले : विटामिन के स्रोत :

  • भूख न लगने की शिकायत दूर करने के लिए Tonic के बजाय पौष्टिक आहार लें। इसके लिए भोजन के पहले अदरक की चटनी, नीबू का रस, भुना हुआ जीरा और थोड़ा-सा नमक मिलाकर नियमित दोनों समय सेवन करें। इससे खुलकर भूख लगेगी।
  • इसी प्रकार से अन्य कमजोरियों को दूर करने के लिए भी आहारों द्वारा ही चिकित्सा करें। इसके अतिरिक्त खेलें या व्यायाम करें।
  • भरपूर नींद लें। साथ ही इन पौष्टिक खानों का सेवन करें
  • प्रतिदिन का भोजन गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार या बाजरा (अनाज) – 450 ग्राम
  • दूध, दही या छाछ (दूध व इससे बने पदार्थ) – 250 मि.ली.
  • चना, मूंग, उड़द या मसूर की दाल (दालें) – 100 ग्राम
  • लौकी, टिण्डा, तोरई, भिंडी, आलू आदि सब्जी (सब्जियां) – 200 ग्राम
  • घी, मक्खन, तेल आदि की चिकनाई (तेल या चिकनाई) – 50 ग्राम
  • मौसम के फल जैसे- आम, केला, संतरा, सेब, अमरूद (फल आदि) – 50 ग्राम
  • जानिए संतुलित पौष्टिक भोजन के लाभ-Balanced Diet

हमें रोजाना की डाइट में इन तत्वों वाले खाने पीने की चीजो का प्रयोग करना चाहिए, ताकि शरीर को पौष्टिक तत्व मिलते रहें।

Protein: शरीर में शक्ति, उत्साह, फुर्तीलापन और शारीरिक विकास के लिए यह जरूरी होता है। इसे दालों से 20-25 प्रतिशत तक प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा यह अनाज, चना, मटर, दूध, छाछ, पनीर, फल, मेवों में अधिक पाया जाता है।  याददाश्त बढ़ाने और दिमाग तेज करने वाले 12 फ़ूड |

Carbohydrates: शरीर में शक्ति पहुंचाने के लिए जरूरी होता है। इसे चीनी और गुड़ से अधिक मात्रा में प्राप्त किया जा सकता है। एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 50 ग्राम गुड़ या चीनी खाना चाहिए। यह चावल, गेहूं, मक्का, गन्ना, खजूर, मीठे फल आदि से भी प्राप्त किया जा सकता है। यह भी पढ़ें – जानिए जूस पीने के फायदे और कोल्ड ड्रिंक पीने के नुकसान

वसा (Fat) : शरीर में शक्ति और गर्मी पहुंचाने के लिए जरूरी होता है। इसे तेल, वनस्पति घी से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ये दूध, दही, घी, मक्खन, बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली आदि से भी प्राप्त किया जा सकता है।

खनिज लवण (Mineral & Salts) : हड्डियों को मजबूत बनाने, रोगों से शरीर की रक्षा करने और शारीरिक शक्ति को बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। ये दूध, चावल, गेहूं, फल, साग-सब्जियों में पाए जाते हैं।

Calcium: दांतों और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत करता हैं | यह शरीर का रंग निखारता है, बाल घने व मजबूत करता है। यह दूध, दही, छाछ, पनीर, हरी सब्जियों से प्राप्त किया जा सकता है।

लोहा (Iron) : इसकी कमी से खून की लाली कम होकर एनीमिया की बीमारी हो जाती है। शहद, गाजर, पालक में यह तत्व काफी मात्रा में होता है। इसके अलावा सूखे मेवों, सेम, दाल, ताजी पत्तियों से भी प्राप्त किए जाते हैं।

ऊपर बताये गए तरीके व मात्रा से आप यदि अपने दैनिक जीवन में पौष्टिक तथा संतुलित डाइट का सेवन करेंगे, तो आपको और किसी Tonic की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अन्य सम्बंधित पोस्ट 



शेयर करें

Comments

  1. By Sachin

    Reply

    • Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*