शारीरिक थकान के कारण और दूर करने के उपाय

अक्सर यह देखने में आता है कि साधन संपन्न अमीर व्यक्ति भी बुरी तरह मानसिक और शारीरिक थकान को महसूस करता है। जबकि उसके पास सुख प्राप्त करने के सभी अत्य-आधुनिक साधन उपलब्ध होते हैं। पर थकान के कारण वह अपने अंदर कार्य -शक्ति का अभाव महसूस करते हैं। इसके विपरीत आम आदमी, कठोर काम करके तथा कम पौष्टिक आहार लेकर जीवन यापन करने पर भी अपना जीवन सक्रिय रूप से जीते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि काम की अधिकता या पौष्टिक भोजन के स्तर की कमी ही शारीरिक थकान का एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि कुछ दूसरी बातें भी हैं, जो थकान उत्पन्न करती हैं और काम न करने की इच्छा पैदा करती हैं। दौड़ती भागती ज़िंदगी में आगे निकलने के रेस में लोग इतना भागते हैं कि वह थक जाते हैं और सुस्त भी हो जाते हैं।

मानसिक और शारीरिक थकान क्या है? थकन होने के कारण / Fatigue: Why Am I So Tired? Fatigue Causes.

शारीरिक थकान

थकान

  • मनोवैज्ञानिकों के अनुसार थकान, रुचि और इच्छा कम होने की अवस्था है। शारीरिक थकान का सामान्य अर्थ मन अथवा शरीर की सामथ्र्य के घट जाने से लिया जाता है। ऐसी हालत में आदमी से काम नहीं होता या बहुत कम होता है। थका हुआ व्यक्ति निष्क्रिय पड़ा रहता है।
  • सामान्य रूप से जब अधिक परिश्रम किया जाता है, तो हमारी मांसपेशियां, हड्डियाँ आदि शक्तिशाली बनते हैं। शरीर की कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है, लेकिन सीमा से अधिक किया गया परिश्रम मानसिक, शारीरिक या स्नायु संबंधी थकावट उत्पन्न करता है।
  • कुछ लोगों को जल्दी शारीरिक थकान होने का कारण शरीर में रक्त की मात्रा आवश्यकता से भी कम होना, थाइराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) का ठीक से काम न करना या फिर मधुमेह आदि रोग से ग्रस्त होना होता है। जाने डायबिटीज़ के 10 शुरुआती लक्षण
  • जब हमें किसी कार्य में आनंद आता है, तो हम लगातार काम करते रहने पर भी मानसिक और शारीरिक थकान महसूस नहीं करते, जबकि एक ही प्रकार के कार्य करते रहने से लंबी अवधि के बाद रुचि कम होकर मन में ऊब पैदा हो जाती है, इसी कारण सुस्ती तथा अरुचि महसूस होती है।
  • मानसिक और शारीरिक थकान के अन्य कारणों में कार्य में अरुचि, प्रेरणा का अभाव, मनोरंजन न करना, मानसिक अस्वस्थता अथवा शारीरिक रोग आदि हो सकते हैं।
  • जो व्यक्ति स्वभाव से संकोची होते हैं ,जीवन साथी या अन्य आसपास के लोग कठोर स्वभाव के और डांट-फटकार करने वाला होते है, उनकी भावनाएं दब जाती हैं क्योंकि वो अपने संकोची स्वभाव के चलते अपनी भडास नहीं निकाल पाते ,उन्हें लगातार मानसिक घुटन का सामना करना पड़ता है। ऐसी भावनाएं भी लोगों को निष्क्रिय और थका हुआ बनाती हैं।
  • एनीमिया (खून की कमी से होने वाला रोग ) के रोगी को भी जरा-जरा से काम करने के बाद अधिक शारीरिक थकान का अनुभव होता है। ऐसे लोगो को टमाटर और गाजर का जूस तथा हरी पत्ते दार सब्जियां अधिक मात्रा में खानी चाहिए | गाजर के 20 फायदे और बेहतरीन औषधीय गुण |

शारीरिक थकान दूर करने के उपाय / Ways to Combat Fatigue and Get Your Energy Back.

आलस कैसे दूर करे ? या सुस्ती दूर करने के उपाय , यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है परन्तु इसका कोई एक “Shortcut Mantra” नहीं होता है इसके लिए आपको कई स्तरों पर प्रयास करने पड़ेंगे जिसमे स्वस्थ खानपान से लेकर व्यायाम, संगीत आदि सभी को अपनी जीवन शैली में शामिल करना होगा |मानसिक एवं शारीरिक थकान को दूर करने के लिए नीचे लिखे मनोवैज्ञानिक उपायों को अपनाना चाहिए |

  • कार्य में परिवर्तन – शारीरिक, मानसिक तथा स्नायविक थकान दूर करने के लिए तथा बिना थके अधिक काम किया जा सके, इसके लिए शरीर के विशेष अंगों पर जोर पड़ने वाले काम में परिवर्तन करते रहना चाहिए।
  • बाहर साफ़ हवा में खड़े हों और चार पांच बार लम्बी–लम्बी सांसे लें : दिमाग व् शरीर में ऑक्सीजन की पूरी मात्रा होना बहुत आवश्यक है |ऑक्सीजन के लेवल के अनुसार ही शरीर में उर्जा निर्धारित होती है |
  • मालिश से भी शरीर को आराम मिलता है और रक्त संचार (Blood Circulation) तेज होता है इसके लिए आप अपनी दो अंगुलियों के पोरों से चेहरे की हल्की मालिश करें। इससे ब्लड सर्कूलेशन बढ़ेगा, जिससे शारीरिक थकान दूर होगी | मसाज के लाभ, विधि और सावधानियां 
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  • काम और आराम का संतुलन – काम की कमी और आराम की अधिकता से ऊब पैदा होती है, जिससे थकान पैदा होती है। उसी प्रकार काम की अधिकता से शारीरिक थकान आती है, अत: आराम और काम के बीच संतुलन बनाए रखें।
  • कार्य में रुचि और प्रेरणा उत्पन्न करें – आराम के अलावा थकान दूर करने के लिए रुचि और प्रेरणा का कम महत्व नहीं होता। अपनी पसंद का खेल खेलना, पुस्तकें पढ़ना, रुचिकर पेय लेना, टी वी के शिक्षाप्रद कार्यक्रम देखना प्रेरणा के कारण बनते हैं ।
  • मनोरंजन – शारीरिक थकान को कम करने के लिए मन पसंद गाने सुनना, पिकनिक मनाने आदि से तुरंत लाभ मिलता है।
  • विभिन्न सुगंध से भी शरीर की थकावट को भगाया जा सकता है। कई बार सुगंधित तेल या परफ्यूम से मस्तिक्ष को उर्जा मिलती है | Perfume और Hair Dryer का उपयोग और सावधानियां |
  • (Brainwave Music, High Energy Meditation): सुस्ती भगाने के उपाय में से एक यह है की आप विभिन्न हर्ट्ज़ की ब्रेन वेव संगीत सुने इससे भी मानसिक ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद मिलती है।

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  • शारीरिक व्यायाम – खेलकूद से लेकर घूमने-फिरने का कोई भी नियमित व्यायाम करने से आदमी की कार्यक्षमता 20 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। जो व्यक्ति मानसिक कार्य करते हैं, वे कार्य के मध्य में यदि थोड़ा-सा-हलका व्यायाम या खेलकूद कर लें, तो अपना कार्य अच्छी तरह तथा प्रसन्नता पूर्वक कर सकेंगे। यह भी सुस्ती दूर करने का एक अच्छा उपाय है |
  • सुबह की सैर , योग, प्राणायाम , शवासन करें इससे आपके शरीर को स्फूर्ति मिलेगी। शारीरिक थकान और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए शवासन तथा ध्यान यानि Meditation सबसे ज्यादा प्रभावकारी होते है| जाने क्या है प्राणायाम? तथा प्राणायाम करने के लाभ |
  • इस प्रकार थकान आने के कारण चाहे कार्य में अरुचि, प्रेरणा का अभाव, मानसिक या शारीरिक तनाव, मनोरंजन न करना या कोई और क्यों न हो, यदि आप उपरोक्त उपायों में रुचि लें और उन्हें अपनाएं, तो कोई कारण नहीं कि थकान की गिरफ्त में आप फंस सके।
  • नींद – शारीरिक थकान को दूर करने के लिए भरपूर नींद (7-8 घंटे ) लेने से मस्तिष्क के तंतु और शरीर के स्नायु, दोनों को आराम मिलता है इसे थकान दूर करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय माना जाता है। इससे शक्ति फिर से प्राप्त हो जाती है और शारीरिक थकान दूर हो जाती है। आप चाहें तो “Sleep Music Delta Waves” सुनते हुए भी सो सकते है |
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  • विश्राम – आराम से बैठने या लेटने से भी थकान दूर हो जाती है, क्योंकि इससे शरीर और मन ढीले पड़ जाते हैं तथा शक्ति फिर से प्राप्त हो जाती है। वास्तव में विश्राम एक व्यावहारिक योग है, जिसे शिथिलीकरण कहते हैं।

शारीरिक थकान और कमजोरी से बचने के लिए आपको अपने खानपान पर ध्यान देना अति आवश्यक है | Foods That Beat Fatigue.  

शारीरिक थकान Foods That Beat Fatigue.

Foods That Beat Fatigue.

  • अपने शरीर में Energy Boost करने और शारीरिक थकान को दूर करने के लिए आप इन खाद्य पदार्थो को नियमित रूप से अपनी डाइट में इनको शामिल करे जैसे – सौंफ ,ओटमील ,अदरक ,पपीता ,अजवायन, संतरा , चॉकलेट ,अखरोट, बादाम ,दही , Green Tea, आंवला सीरप (Amla Juice) ,Aloe vera juice, Herbal Drinks or herbal Energy Boosters, पानी वाले फल जैसे संतरा मौसमी आदि | इनमे मौजूद विभिन्न रसायन आपके शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होंगे और शारीरिक कमजोरी के कारण उत्पन्न हुई समस्याओ को भी दूर रखेगें |
  • चाय या coffee पीने से उसमे मौजूद कैफीन से कुछ समय के लिए ऊर्जा का अहसास तो होता है परन्तु जब शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ती है तो शरीर पर इसका नकारात्मक असर भी पड़ता है। इनको ज्यादा पीने से बचना चाहिए | आप Caffeine-free drinks, Herbal Tea या जूस पिएं, इससे शरीर को ऊर्जा मिलेगी और शारीरिक थकान भी दूर भागेगी। जानिए चाय पीने के फायदे और नुकसान |
  • शरीर में पानी की कमी से भी शारीरिक थकान और मानसिक थकान हो सकती है | इसलिए पानी भरपूर मात्रा में पियें | पानी पीने के भी हैं कुछ खास नियम और सही तरीके

थकान के प्रकार / Types Of Fatigue & Symptoms.

  • सामान्य तौर पर थकान चार प्रकार की मानी जाती है- मानसिक, शारीरिक, स्नायविक व ऊब या बोरियत।
  • मानसिक थकान – दिमाग पर किसी कारण वश जोर पड़ने जैसे – मानसिक तनाव, हताशा,नींद की कमी या अधिकता से दिमाग की कार्यक्षमता (Potential) कम हो जाती है और व्यक्ति को मानसिक थकान महसूस होती है। इसमें जरूरी नहीं कि कोई मांसपेशी थकान शामिल हो, ऐसी मानसिक सिथ्ती में जरुरी नहीं है की बस नींद ही ना आये इसे हम कम या जायद चेतना के स्तर में कमी कह सकते है |
  • शारीरिक थकान – अधिक शारीरिक काम करने से मांसपेशियों की सामथ्र्य कम हो जाती है और सुस्ती महसूस होती है। मस्तिष्क और शरीर का पारस्परिक संबंध होने से शारीरिक थकान का मस्तिष्क पर और मानसिक थकान का शरीर पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
  • स्नायविक (Neurological) थकान – मानसिक संघर्ष की अवस्था में अवचेतन मन के अत्यधिक थक जाने से भी स्नायु संबंधी(Muscles) थकान उत्पन्न होती है।
  • ऊब या बोरियत – एक ही प्रकार के कार्य को काफी समय तक करते रहने के कारण ऊब उत्पन्न होती है। ऊब में शक्ति के ठीक से निकल न पाने के कारण हमें थकान महसूस होती है।

मानसिक और शारीरिक थकान का प्रभाव / Consequences Of Fatigue on Body and Brain.

  • हमारे मन और शरीर, दोनों पर शारीरिक थकान का प्रभाव पड़ता है। मानसिक रूप से थकान की दशा में आदमी की सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है। वह अपने काम पर भी ठीक से ध्यान नहीं दे पाता है|
  • जबकि शारीरिक रूप से उत्पन्न थकान में शारीरिक सामंजस्य नहीं रह पाता है। ऐसी दशा में हमारी मांसपेशियों और स्नायु तंत्र में दुग्धाम्ल (लेक्टिक एसिड) नामक तत्व अधिक बनता है। इसके अधिकाधिक बढ़ जाने से शरीर में लकवे की बीमारी भी पैदा हो सकती है। यह भी पढ़ें – खांसी की अचूक दवा तथा खांसी के 22 घरेलू उपचार |
  • पूरे शरीर का शिथिल पड़ना इस बात का संकेत है कि यह एसिड शरीर में फैल चुका है। अंग विशेष में बढ़े इस एसिड से उस विशेष स्थान पर ही थकान महसूस होती है।
  • मनोवैज्ञानिकों के मतानुसार थकान सुस्ती की दशा में किसी वस्तु के अनुभव और संकेत मस्तिष्क तक पहुंचने और स्नायुओं की प्रतिक्रिया होने में सामान्य टाइम से अधिक टाइम लगता है।

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Comments

  1. By Rakesh Vishwakarma

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  2. By Mukesh Kumar meena

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