लहसुन खाने के फायदे और 12 बेहतरीन औषधीय गुण

लहसुन (Garlic) एक शक्तिशाली प्राकृतिक एण्टीबायोटिक, एन्टी-फंगल, और एन्टी बैक्टीरियल हर्ब है। यह आंतों, साँस व फेफड़ों, पेट की गैस, पेट के कीड़े, कफ त्वचा के रोग, बुखार, कील-मुंहासे, रक्त की कमी, कमर-दर्द, हड्डियों के रोग, मस्तिष्क के रोग, हृदय रोग, कब्ज, घाव, उम्र के साथ होने वाले शारीरिक परिवर्तनों को कम करने आदि सभी रोगों को ठीक करने में सहायता करता है। साथ ही यह एक बेहतरीन दर्दनाशक भी है | यह पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिए लहसुन के लाभ बराबर है |

दिल की बीमारियों से बचाव में इसका महत्तवपूर्ण उपयोग है क्योंकि यह खून के थक्कों को बनने से रोकता है ,साथ ही Garlic खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्र भी कम हो जाती है जो दिल की बीमारी होने का सबसे बड़ा कारण होता है। यहाँ तक कि यदि भोजन में इसकी ज़रा सी भी मात्रा शामिल की जाए तो यह रक्त को पतला रखने में मदद करता है जिससे धमनियों में रक्त के थक्के नहीं जमते। यह खोज वैज्ञानिकों ने 1970 में की थी। शोध भारत और जापान के जैन समुदाय पर किया गया था। इस समुदाय के कुछ लोग Garlic और प्याज से पूरा परहेज़ रखते हैं, वहीं कुछ लोग इनका भरपूर सेवन करते हैं। तीसरा समूह संतुलित मात्रा में इसका सेवन करता है। इन समूहों की जीवन शैली सामान्यत: एक सी होती है जिससे शोधकर्ताओं को सहायता मिली। वे जैनी जो लहसुन और प्याज का सेवन करते हैं वे सप्ताह में लगभग 500 ग्राम प्याज और लहसुन की 17 कलियां खाते हैं। यह पाया गया कि इन लोगों के खून में थक्का जमाने की प्रवृत्ति अन्य दो समूहों की तुलना में कम पाई गई। साथ ही वह समूह जो प्याज और Garlic से परहेज़ रखता था, उनके रक्त में थक्का जमाने की प्रवृत्ति सबसे अधिक पाई गई।

लहसुन से उपचार और इसके फायदे :

lahsun ke fayde gun side effects लहसुन खाने के फायदे और 10 बेहतरीन औषधीय गुण

लहसुन खाने के फायदे

  • खाँसी – 5 बूंद लहसुन का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर रोजाना दो बार लेने से खाँसी ठीक हो जाती है। गले के इंफेक्‍शन में लाभदायक इस मिश्रण को लेने से गले का संक्रमण भी दूर होता है |
  • गला दर्द – लहसुन की चार कलियाँ सिरका डालकर इसके बाद चटनी पीसकर रोजाना दो बार खाने से गला दर्द ठीक हो जाता है। यह गले के सूजन को भी कम करता है |
  • इन्फ्लूएंजा – एक कली लहसुन और दो कालीमिर्च पीसकर रोजाना दो बार सूंघने से फ्लू के कीटाणु मर जाते हैं। फ्लू जल्दी ठीक होता है।
  • अगर आपके दांतो में दर्द हो रहा हो तो लहसुन की एक कली पीसकर दांत के दर्द के जगह पर लगा दें।
  • कान में दर्द होने या मैल से जाम होने की सिथ्ती में सरसों के तेल या तिल के तेल में लहसुन की कलियाँ डालकर गर्म कर लें, जब लहसुन जल जाये तो इसको नीचे उतार लें इसके बाद इसको ठंडा होने पर किसी छलनी से छानकर एक दो बूंदे कान में डाल लें |
  • कमर दर्द हो तो सरसों के तेल में अजवायन, लहसुन, हिंग थोडा सा डालकर लहसुन काला पड़ जाने तक गर्म करें फिर इस तेल को ठंडा करके इससे मालिश करें दर्द ठीक हो जायेगा | यह गठिया और जोड़ो के दर्द में भी लाभदायक है |
  • मधुमेह के रोगियों के बार-बार पेशाब करने से शरीर में से पोटेशियम की मात्रा कम हो जाती है लहसुन पोटेशियम का अच्छा स्रोत है इसलिए लहसुन से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है |
  • लहसुन मोटापा घटाने में मददगार होता क्योंकि इसमें मौजूद रसायन फैट बर्नर का काम करते हैं | सेहतमंद आहार और नियमित एक्सरसाइज़ के साथ लहसुन का इस्तेमाल शरीर का फैट कम करने में काफी मदद करता है | देखें यह पोस्ट –मोटापा कम करने के उपाय |
  • सोरायसिस – कच्चा लहसुन रोजाना लम्बे समय तक खाते रहें। सोरायसिस ठीक करने के लिए एक चम्मच लहसुन का रस एक गिलास पानी में मिलाकर रोगग्रस्त त्वचा को रोजाना एक बार धोयें। यदि खुजली चलती हो तो लहसुन को तेल में उबालकर, छानकर लगायें।
  • लहसुन और शहद के फायदे – लहसुन और शहद को मिलाकर खाने से धमनियों में जमी वसा निकल जाती है, जिससे ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक तरह दिल तक पहुंचता है |
  • लहसुन और शहद को मिलाकर लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत होती है और इस वजह से शरीर में जल्दी जल्दी बीमारियाँ नहीं होती है |

लहसुन कैसे खाएं – स्वस्थ रहने, शरीर में कोई भी रोग हो, लहसुन की दो कली के छोटे-छोटे टुकड़े करके रोजाना पानी से निगल जायें। यह लहसुन के सेवन की सरल लाभदायक विधि है। लहसुन पेट में जाकर रोग के कीटाणुओं को मारता है। खराब पदार्थों को बाहर निकाल कर आन्तरिक सफाई करता है क्योंकि यह एक प्राकृतिक डीटॉक्‍स हर्ब भी है । Garlic के सेवन से भूख भी अच्छी लगती है |

इससे कायाकल्प अमृत (टानिक) बनाने की विधि :

25 नीबूओं का रस एक काँच के बर्तन में भर लें। इसमें 250 ग्राम लहसुन पीसकर मिलायें। 24 घंटे बाद इस मिक्चर का एक चम्मच एक कप हल्के गर्म पानी में मिलाकर लगातार 15 दिन पियें। इससे शरीर का कायाकल्प होकर छोटी मोटी बीमारियाँ दूर होंगी ।

शहद और लहसुन का मुरब्बा बनाने की विधि  :

आप शहद में भी लहसुन को संरक्षित (Preserve) कर सकते हैं और इसके बाद भी लहसुन के औषधीय गुण का लाभ उठा सकते है ।आयुर्वेदिक के अनुसार, बहुत-से ऐसे पदार्थ हैं जिन्हें शहद में संरक्षित करने पर, उनके गुणों में वृद्धि हो जाती है। लहसुन पचाने में बहुत भारी होता है। यह नुस्खा सभी तरह की तासीर और सेहत के लोगों के लिए इसको पचाने में आसान बना देता है।

  • 100 ग्राम Garlic लेकर, फलियों को छिल लीजिए। कुछ घंटों तक इन्हें धूप में सुखाने के लिए फैला दीजिए।
  • अब आधा शहद से भरा हुआ आधा लीटर का काँच का एक जार लीजिए। इसमें लहसुन डाल दीजिए।
  • अब चम्मच से इस मिश्रण को ठीक से मिला लीजिए ताकि सारे Garlic शहद में भीगे रहें। लहसुन, शहद के ऊपर तैरता है, इसलिए आपको इसे चम्मच से नीचे बिठाना होगा।
  • इस मिश्रण में 10 ग्राम लौंग डालिए और पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिला लीजिए। जार का ढक्कन लगाकर, अँधेरी बन्द अलमारी में रख दें।
  • प्रतिदिन जार का ढक्कर खोलकर इस मिश्रण को मिला लिया करें, या बिना ढक्कन खोले जार को हिला लिया करें। यह मुरब्बा करीब दस दिन में तैयार हो जाता है।
  • लौंग के साथ आप Garlic की एक से तीन कलियाँ ले सकते हैं। लहसुन की एक फली खाने से शुरू कीजिए। यह ध्यान रखते हुए कि आपकी पाचन क्षमता बिलकुल ठीक है, इसकी मात्रा तीन फलियों तक ले आइए। आम तौर पर, Garlic को इस रूप में पचाना आसान होता है, लेकिन कमजोर पाचन से पीड़ित लोगों को थोड़ी समस्या हो सकती है।
  • इस मुरब्बे को शाम के समय लें, ताकि दिन में आपके मुंह से तेज गंध ना आए | लहसुन की दुर्गन्ध दूर करने के लिए, छोटी इलायची चबा सकते हैं। वैसे भी दिन-भर में तीन या चार छोटी इलायचियाँ चबाना एक अच्छी आदत है क्योंकि यह त्रिदोष असन्तुलन को सुधारती है, मुंह को सुगन्धित करती है, दिल को मजबूत बनाने के साथ साथ आवाज को भी मधुर बनाती है।

दिल की बीमारियों जैसे Coronary Artery Blockage, हार्ट अटैक को दूर रखने में लहसुन के लाभ :

खून को पतला करनेवाली दवाइयां चिकित्सकों द्वारा अक्सर हृदय घात यानि हार्ट अटैक या फेफड़ों में तकलीफ़ के बाद ही दी जाती है। लहसुन का उपयोग इन दवाइयों की शक्ति को बढ़ा सकता है और दवा की असंतुलित मात्रा लेने पर होने वाले अन्य प्रभावों को भी रोकता है।

लहसुन (Garlic) के रक्त को पतला करने के गुण पर इस बात का कोई प्रभाव नहीं पड़ता कि इसे कच्चा खाया जा रहा है या पकाकर। लहसुन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका नियमित उपयोग कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की अवस्था में लाभकारी पाया गया है। मनुष्यों पर किए गए करीब 20 शोधों के नतीजों के अनुसार ताज़ा Garlic या Garlic युक्त खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं। देखें यह पोस्ट – हृदय रोग -कारण लक्षण और बचाव

दिन में इसकी तीन कलियाँ खाने से कोलेस्ट्राल की मात्रा में 10 प्रतिशत तक की कमी होती है और यह मात्रा 15 प्रतिशत भी हो सकती है। इससे फ़र्क नहीं पड़ता कि यह कच्चा खाया जा रहा है या पका कर। यह दोनों ही तरीकों से उपयोगी होता है। हाल ही में एल.टी.एम मेडिकल कॉलेज में किए गए परीक्षण में 50 लोगों ने दो महीने तक कच्चे Garlic की तीन कलियां दो महीने तक रोज खाई उनके खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 5.54 से 4.68 हो गई मतलब 15 प्रतिशत तक कम हुई। उनके रक्त में थक्का जमाने वाले पदार्थों में भी कमी आई।

अच्छे परिणामों के लिए इसका प्रयोग तीन महीने तक करना चाहिए। इसके लिए 600 से 900 मि.ग्रा. इसका पेस्ट नियमित रूप से लेना तय किया गया। विभिन्न परीक्षणों में Garlic की कलियां, पेस्ट, तेल और अर्क सामान रूप से इस्तेमाल किया गया। कई लोग इसे खाने से सिर्फ इसलिए कतराते है क्योंकि उनको लगता है की इससे उनके मुंह से तेज गंध आयेगी इसलिए लहसुन खाने से आने वाली गंध को दूर करने के लिए इसको छीलकर रात को पानी या छाछ में भिगो दें, फिर सवेरे खायें या सवेरे भिगो दें और शाम को उसका सेवन करें। इस प्रकार लेने से तेज महक नहीं आती है। इसको खाने के बाद सूखा धनिया चबाने से इसकी गन्ध नहीं आती। देखें यह पोस्ट- सांस की दुर्गंध- कारण , बचाव और 16 घरेलू नुस्खे |

लहसुन से सेवन से जुडी कुछ सावधानियां :

  • लहसुन की प्रकृति और तासीर गर्म है। इसलिए इसे कम मात्रा से आरम्भ करें। कभी कभी ज्यादा खाने से मुंह, पेट या सीने में जलन, गैस, मतली, उल्टी, शरीर में गंध, प्यास, बेचैनी  और दस्त का कारण बन सकता है। इसलिए धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाते जायें। इन साइड इफेक्ट्स को दूर करने के लिए धनिये के बीजो का काढ़ा बनाकर पियें |
  • खासतौर पर कमजोर और बीमार लोगो को खाली पेट Garlic खाने से बचना चाहिए | रोगों को ठीक करने के लिए लहसुन का रोजाना तीन बार सेवन करें। इसकी शुरू-शुरू में 5 बूंद रस की लें। धीरे-धीरे बढ़ा कर बीस बूंद तक एक बार में ले सकते हैं। इसे पानी या शहद में मिलाकर लें। फल, सब्जी, दही और भोजन में मिलाकर अधिक लें।
  • गर्मी के मौसम में, या किसी को नाक से रक्त निकलने की बीमारी हो, अगर कोई सर्जरी हुई हो, गर्भवस्था में, या छोटे बच्चो को Garlic बहुत ही कम मात्रा में लेना चाहिए और इन लोगो को कच्चा Garlic बिलकुल नहीं खाना चाहिए |
  • लहसुन का पेस्ट आदि बनाकर चेहरे पर भी ना लगायें |

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