काली मिर्च के 35 औषधीय गुण तथा फायदे

काली मिर्च का इस्तेमाल घरों में सब्जियों व पकवानों को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं की आयुर्वेद में काली मिर्च का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं। काली मिर्च के गुणों से परिचित होने के बाद बहुत सारे लोग घरेलू औषधि के रूप में भी करने लगे हैं |

काली मिर्च सफेद और काली दो तरह की होती हैं। कालीमिर्च के आधा पक जाने पर काली मिर्च सफेद हो जाती है। वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार पूरी तरह पक जाने पर काली मिर्च का तीखापन अपने आप कम हो जाता है। काली मिर्च कफ के रोग को ठीक करती है। इससे कफ, खांसी और जुकाम को ठीक करने में बहुत फायदेमंद है। बवासीर रोग को ठीक करने के लिए भी कालीमिर्च काफी उपयोगी है। पेट के रोगों के लिए भी इसका बहुत उपयोग है | कम भूख लगना, बदहजमी, अफारा और साँस की बीमारी जैसे दमा आदि में कालीमिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है।

काली मिर्च खाने के फायदे बहुत होते है इसके लिए आप इसे लगभग सभी तरह की सब्जियों में डालकर खा सकते है। और इसके गुणों का लाभ उठा सकते है | मलेरिया में भी कालीमिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है। दांतों के दर्द को यह पलक झपकते ही ठीक कर देती है। आँखों की रोशनी के लिए भी यह बहुत गुणकारी होती है। शरीर के किसी भाग में सूजन होने पर काली मिर्च को पीसकर लेप करने से सूजन जल्दी ही ठीक हो जाता है। इस पोस्ट में काली मिर्च के फायदे और नुकसान तथा कई रोगों को ठीक करने में कालीमिर्च के घरेलू उपाय बताए गये हैं |

काली मिर्च के औषधीय उपयोग तथा घरेलू नुस्खे |

kali mirch ke fayde black pepper benefits काली मिर्च के 35 औषधीय गुण तथा फायदे

काली मिर्च औषधीय गुण

  • 2 ग्राम काली मिर्च का पाउडर, गुड़ के साथ मिलाकर खाने से जुकाम जल्द ही ठीक होता है।
  • काली मिर्च, घी और शक्कर मिलाकर सेवन करने से अनेक आँखों के रोग ठीक होते हैं।
  • कालीमिर्च का पाउडर सूंघने से बार-बार छींकने से जुकाम से बंद नाक खुलती है, सिरदर्द भी ठीक होता है।
  • कालीमिर्च को पीसकर दही में मिलाकर गुड़ के साथ सेवन करने से नाक से होने वाला रक्त स्राव बंद होता है |
  • काली मिर्च से बनाये शरीर का कायाकल्प ड्रिंक – इसको बनाने के लिए पांच काली मिर्च को पीसकर पानी में भिगो दें। इस पानी को उबालें और छानकर पिएं। इस ड्रिंक में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कैंसर से बचाता है। इसमें मौजूद पोटेशियम से ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है। कार्बोहाइड्रेट्स से शरीर की कमजोरी दूर होती है। काली मिर्च को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से बॉडी को भरपूर आयरन मिलता है। यह एनीमिया यानि खून की कमी से भी बचाता है यह जॉइंट पैन से बचाव करता है। इससे बॉडी के जहरीले पदार्थ यानि टॉक्सिन्स दूर होते हैं। यह कब्ज को भी दूर करता है। इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। यह तेजी से वजन कम करता है। इससे शरीर में नमी बनी रहती है। इससे चेहरे की चमक बढ़ती है। इससे मसल्स मजबूत होती हैं।
  • आँखों की पलकों के किनारे निकलने वाली गुहेरी (छोटी फुंसी ) पर काली मिर्च को पानी में पीसकर लेप करने से बहुत लाभ होता है।
  • नीबू और अदरक के 5-5 ग्राम रस में 1 ग्राम काली मिर्च का पाउडर मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द शीघ्र ठीक होता है।
  • कालीमिर्च को जलाकर उसका धुआं सूंघने से हिचकियां बंद होती हैं।
  • कालीमिर्च के 5 दाने मिसरी मिले दूध के साथ निगलने से तेज जुकाम भी जल्द ही ठीक होता है।
  • कालीमिर्च का आधा चम्मच पाउडर लेकर उसमें शहद और घी मिलाकर लेने से सर्दी से जुकाम सिरदर्द ठीक होते हैं।
  • सर्दी से होने वाले छाती का दर्द भी ठीक होता है। और कफ भी सरलता से निकल जाता है। सर्दी से बचने के लिए काली मिर्च के उपाय के रूप में आप इसे चाय या दूध में मिलाकर पी सकते हैं |
  • कालीमिर्च को घी में घिसकर बूंद-बूंद नाक में टपकाने से आधा सर का दर्द (माइग्रेन) ठीक होता है।
  • काली मिर्च की तासीर गर्म होती है। गर्मी के दिनों में गर्मी को कम करने के लिए इसे गुनगुने पानी के साथ लेना फायदेमंद होता है।
  • सुबह सुबह गर्म पानी के साथ कालीमिर्च का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है | इसके अलावा ये हमारे बॉडी सेल्स को भी पोषण देने का काम भी करती है |
  • जुकाम होने पर पिसी काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं।
  • यदि जुकान लम्बे समय से बार-बार होता है और छींके आती हैं तो काली मिर्च की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते हुए 15 दिन तक खाएं। ऐसा ही 15 दिन के बाद वापस एक-एक घटाते हुए खत्म करें। ऐसा करने से पुराना जुकाम नजला खत्म हो जाएगा।
  • खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर और आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार खाने से खांसी दूर होती है। और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें – खांसी की अचूक दवा तथा खांसी के 22 घरेलू उपचार |
  • गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नीबू का रस डालकर आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर और आधा चम्मच काला नमक मिलाकर रोज कुछ दिन तक सेवन करने से गैस की दिक्कत दूर होती है।
  • गला खराब होने पर कालीमिर्च में घी और मिश्री के साथ मिलाकर लेने से बंद गला खुल जाता है। कालीमिर्च का रोज सेवन करने से आवाज मीठी होती है। इसके अलावा गले में किसी तरह का इंफेक्शन होने से कालीमिर्च को पानी में उबालकर गरारे करने से गले की दिक्कत दूर होती है।
  • कालीमिर्च को बारीक पीसकर घी में मिलाकर चहेरे पर लेप लगाएं। इससे फोड़े-फुंसी, दाद जैसे रोग आसानी से ठीक हो जाते हैं |
  • कालीमिर्च, पीपल, जीरा, सेंधा नमक और सोंठ सभी चीजें बराबर मात्रा में लेकर पीसकर पाउडर बना लें। इसमें से एक चम्मच पाउडर भोजन के बाद पानी के साथ सेवन करने से पाचन शक्ति की कमजोरी ठीक होती है।
  • काली मिर्च (Black Pepper for weight loss) – काली मिर्च का पाउडर शहद के साथ रोजाना सेवन करने से शारीरिक मोटापा धीरे-धीरे कम हो जाता है। और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ये पोस्ट – वजन कम करने के 20 घरेलू उपाय तथा नुस्खे |
  • काली मिर्च के 5 दाने, अजवायन 1 ग्राम और हरी गिलोय 10 ग्राम लेकर सबको 100 ग्राम पानी में उबालकर छानकर सुबह-शाम पीने से मलेरिया बुखार ठीक हो जाता है।
  • काली मिर्च को पानी में उबालकर, छानकर उस पानी से गरारे करने से गला बैठने और दांतों का दर्द ठीक होता है। Teeth Care-दांतों की देखभाल के लिए 21 टिप्स |
  • काली मिर्च को प्याज व नमक के साथ पीसकर सिर के बालों में लगाने से दाद, खुजली के कारण झड़ने वाले बालों की सुरक्षा होती है।
  • काली मिर्च और शरीफे के बीज पीसकर घी में मिलाकर बालों में लगाने और डेढ़-दो घंटे बाद सिर धोने से जुएं ठीक हो जाती हैं।
  • काली मिर्च का पाउडर 1 ग्राम मात्रा में छाछ के साथ सुबह-शाम सेवन करने से एक सप्ताह में पेट के कीड़े होने की बीमारी में लाभ मिलता हैं |
  • मक्खन और कालीमिर्च का पाउडर तथा मिसरी मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से स्मरणशक्ति (मेमोरी पॉवर ) बढती है।
  • खाना खाने की बाद सोंठ, कालीमिर्च और पिपली इन तीनो का पाउडर आधा चम्मच की मात्रा में लेने यह खाना हजम करने में सहायता करती है |
  • अगर आधे सिर में दर्द हो तो 30 ग्राम देशी घी में 12 ग्राम कालीमिर्च का ताज़ा पिसा हुआ पाउडर डालकर खायें |
  • अगर आप दांतों में होने वाले पायरिया से परेशान हैं और दांत भी कमजोर हैं तो कालीमिर्च को नमक के साथ मिलाकर दांतों पर लगाएं, जल्दी ही ठीक हो जायेगा |
  • लो ब्लड प्रेशर में दिन में दो-तीन बार 21 दाने किशमिश के और पांच दाने काली मिर्च का सेवन करें |
  • नींबू के टुकडों से बीज निकालकर इसमें पिसा काला नमक और कालीमिर्च पाउडर भर कर गर्म कर के लेने से बदहजमी में लाभ मिलता है | ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें यह लेख – बदहजमी : कारण और इलाज के 13 घरेलू उपाय |
  • एक कप गर्म पानी में 3-4 पिसी कालीमिर्च के साथ नींबू का रस मिला कर पीने से गैस की शिकायत दूर होती है |
  • रोजाना काली मिर्च का सेवन करने से चेहरे के दाग-धब्बे ठीक हो जाते हैं |
  • गठिया रोग में दर्द कम करने के लिए तिल के गर्म तेल में काली मिर्च को डालकर उसे ठंडा कर लें और बाद में उस तेल से गठिया वाली जगह पर मालिश करें।
  • काली मिर्च के नुकसान या साइड इफेक्ट्स सिर्फ इसकी गर्म तासीर से ही हो सकते हैं इसलिए गर्मियों में इसको कम मात्रा में ही लें |

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