जानिए Cosmetics का गलत इस्तमाल क्यों है खतरनाक

अपने आप को सुंदर और आकर्षक दिखाने की इच्छा के कारण ही आजकल beauty cosmetics का प्रयोग काफी बढ़ गया है। बिना मेकअप किए अब व्यक्तित्व अधूरा-सा लगता है। सुंदरता की चाह ने अपने पांव इस तरह पसारे हैं तरह-तरह के बनाव-श्रृंगार के तरीके और प्रोडक्ट बाज़ार में आते रहते हैं।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ महिलाएं ही अपना बनाव-श्रृंगार करती हैं, बल्कि पुरुष भी अब पीछे नहीं। इसलिए अब पुरुषों के लिए भी ‘ब्यूटी पार्लर’, ‘हेयर ड्रेसिंग सैलून’ तथा ‘हैल्थ क्लब’ खुल गए हैं, जहां सुंदर दिखने के लिए विभिन्न प्रसाधन सामग्रियों का उपयोग आधुनिक मशीनों से नई-नई तकनीकों से किया जाता है।

यदि बनाव श्रृंगार करने में प्राकृतिक तथा हर्बल प्रसाधन सामग्रियों का उपयोग किया गया हो, तो सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए ‘ब्यूटी पार्लर” को बुरा नहीं कहा जा सकता, लेकिन यदि रसायन युक्त दिखावटी beauty cosmetics का या घटिया क्वालिटी का इस्तेमाल अधिक किया जाए, तो उससे न केवल पैसा बर्बाद होता है, बल्कि त्वचा की प्राकृतिक चमक एवं कोमलता को भी काफी नुकसान होता है और कई तरह के रोगों को बढ़ावा मिलता है।

बढ़ती मांग सर्वेक्षणों से पता चला है कि पिछले एक दशक में beauty cosmetics की बिक्री छह-सात गुना बढ़ गई है और इनके उत्पादन में पंद्रह प्रतिशत की दर से प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही है। तरह-तरह के आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को लुभाया जाता है। त्वचा को मुलायम, चिकनी, आकर्षक, चेहरे की कांति बढ़ाने, गालों की त्वचा को गुलाब की तरह बनाने के वायदे खूब किए जाते हैं। भारत में कॉस्मेटिक के दावों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। कॉस्मेटिक कंपनियां अक्सर अपने उत्पाद के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे पेश करती हैं, लेकिन उनकी हकीकत को सच साबित करने के प्रमाण अक्सर उनके पास नहीं होते।

नकली सौन्दर्य प्रसाधनों की हानियाँ : Cosmetics Side Effects.

जानिए सौन्दर्य प्रसाधनों का गलत इस्तमाल क्यों है खतरनाक- Cosmetics Side Effects

Cosmetics Side Effects

नकली Beauty Cosmetics उत्पादों की भरमार

आजकल बाजार में केमिकल से बने नकली beauty cosmetics की भरमार है। ये सौंदर्य प्रसाधन सस्ते तो होते हैं, परंतु हानि ज्यादा पहुंचाते हैं। इस कारण इन सस्ते बाजारी beauty cosmetics के स्थान पर घरेलू नुसखों का प्रयोग किया जाए, तो न तो ये हानि नहीं पहुंचाएंगे और न ही त्वचा पर इनका कोई साइड इफेक्ट होगा। बेशक आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी और सब्र भी रखना पड़ेगा | प्राकृतिक घरेलू नुस्खे या कोई भी पुरानी तकनीक थोड़ी देर से असर दिखाती है क्योंकि वो केमिकल की तरह एक दम असर नही छोडती है|

Beauty Cosmetics के विभिन्न प्रकार |

आजकल बाजार में होंठों को खूबसूरत बनाने के लिए तरह-तरह के शेड वाली लिपस्टिक, नाखूनों को रंगने के लिए नेल पालिश, चेहरे को सुंदर बनाने के लिए खुशबूदार पाउडर व क्रीम, पूरे शरीर की त्वचा को निखारने के लिए विभिन्न प्रकार के लोशन, खूशबूदार परफ्यूम्स, आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए काजल, सुरमे, आई लाइनर, आई ब्रो पेंसिल, मस्कारा, बालों के लिए शैम्पू और शादीशुदा महिलाओं के लिए सिंदूर, बिंदी, कुमकुम जैसे सौंदर्य प्रसाधन आसानी से मिल जाते हैं।

युवक-युवतियां दूसरों की देखा देखी, अपने को उनसे अधिक खूबसूरत बनाने के चक्कर में जरुरत से ज्यादा और नियमित रूप से beauty cosmetics का प्रयोग करते हैं। उन्हें इनके प्रयोग से होने वाली हानियों का ठीक से ज्ञान नहीं होता। परिणाम जब सामने आते हैं, तब तक चेहरा खराब हो चुका होता है। यहां तक कि चेहरे का सारा आकर्षण ही चला जाता है। सामान्य तौर पर beauty cosmetics के उपयोग से जो दुष्परिणाम नजर आते हैं, उनमें एलर्जी होना, खुजली होना, त्वचा पर दानें उभर आना, उनमें जलन होना, होंठों का लाल, काला, बदरंग होकर फटना, उस पर पपड़ी पड़ना, रिसना, सूजन आना, पसीने के रूकने  से त्वचा के रोग प्रमुख लक्षण होते हैं।

लंबे समय तक हानिकारक रसायनों के प्रयोग से त्वचा का कैंसर तक हो सकता है। बहुत सारी बड़ी कंपनियों के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में  हैवी मेटल जैसे अर्सेनिक, कैडमियम, लेड, मरकरी, निकेल आदि पाए गए हैं। ये वो मेटल हैं, जो शरीर से लंबे समय तक टच में रहें, तो कैंसर और त्वचा संबंधी अन्य सम्‍ास्याओं को बढ़ा सकते हैं। beauty cosmetics के अत्यधिक प्रयोग से त्वचा रोमछिद्रों के बंद हो जाने के कारण पसीना व खराब तत्वों के शरीर से बाहर निकलने में बाधा पहुंचती है। इनमें मिलाए गए आर्टिफिशियल रंग व हानिकारक रसायन हमारी त्वचा द्वारा सोख लिए जाते हैं और त्वचा के विभिन्न रोग उत्पन्न करते हैं।

आइये जानते हैं कौन से Beauty Cosmetics क्या नुकसान पहुंचा सकते है |

टैल्कम पाउडर:

सभी घरों में टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। बहुत से लोग चेहरे के अलावा नहाने के बाद इसे शरीर पर छिड़क कर लगाते हैं। इस दौरान पाउडर डस्ट के छोटे छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंचकर एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। जब लंबे समय तक नियमित पाउडर छिड़कने का सिलसिला चलता रहता है, तो इससे फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना होती है। दमे, क्रानिक, ब्रॉन्काइटिस और फेफड़ों की अन्य तकलीफों से पीड़ित लोगों को पाउडर डस्ट से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। टैल्कम पाउडर में जो डिओडोरेंट मिलाया जाता है, उससे त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न कर सकते हैं । Read More –त्वचा को खराब करने वाले 12 कारण

लिपस्टिक:

नियमित रूप से लिपस्टिक का प्रयोग करने से होंठों का स्वाभाविक रंग खत्म हो जाता है यहाँ तक कि होंठ काले भी पड़ जाते हैं। इसमें इओसिन नामक रंग लैनोनिन रसायन के साथ बनाया जाता है। लिपस्टिक जब होंठों के माध्यम से शरीर में पहुंचती है, तो अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती हैं।

नेल पालिश:

नाखूनों पर नियमित रूप से प्रयोग की जाने वाली नेलपालिश से नाखून बंदरंग, चमकहीन और उनकी बनावट बिगड़ सकती है तथा वे कमजोर होकर जल्दी टूटते हैं। पैरों की उंगलियों में सूजन आ सकती है। नाखूनों की देखभाल के लिए टिप्स-Nails Care Tips

आँखों के प्रसाधन:

आँखों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रसाधनों में आई पेंसिल, आई लाइनर, आई शैडो, मस्कारा, काजल, सुरमा न केवल आंखों में खारिश पैदा करते हैं, बल्कि आंखों को नुकसान भी पहुंचाते हैं। क्योंकि इनमें सीसा, कोलतार के रंग जैसे हानिकारक तत्व मिले होते हैं। मस्कारा के नियमित प्रयोग से आंखों के आस-पास की त्वचा में जलन होने लगती है। आई लाइनर से आंखों की झिल्ली के खराब होने का खतरा होता है।

हेयर शैम्पू:

शैम्पू में सिंथेटिक डिटरजेंट होता है। साबुन आधारित शैम्पू में पानी के खनिज के कारण बाल कड़क, रूखे और भूरे हो जाते हैं। इनके लगाने से बालों को पोषण, मजबूती और सुरक्षा प्रदान नहीं होती। इसमें सेल्टोल्स और डाइ-आक्सीजन जैसी जहरीली अशुद्धियां होती हैं, जिनसे एलर्जी हो सकती है। ये शैम्पू आंखों में जलन, बालों के झड़ने जैसी बीमारियां भी पैदा कर सकते हैं। इसलिए हर्बल शैम्पू या घरेलू शैम्पू का प्रयोग करें।

हेयर रिमूवर्स:

अनचाहे बालों को हटाने के लिए बाजार में सुगंधित हेयर रिमूवर मिलते हैं। इनमें बेरियम सल्फेट नामक रसायन मिलाया जाता है, जिससे त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते उभर आते हैं और एक्जिमा तक हो सकता है। जानिए घर पर वैक्सिंग करने का तरीका & Homemade Wax

फेस क्रीम:

चेहरे पर लगाई जाने वाली क्रीम यदि वसा अथवा तेल आदि सामानों से बनाई जाए, तब तो ठीक है, नहीं तो  क्रीमों में या तो नमी सोख लेने वाले तत्व होते हैं अथवा उनमें ऐसे तत्वों की मिलावट होती है, जो त्वचा के रोमकूपों को बंद कर देते हैं, जिससे शरीर से पसीना, अन्य जहरीले तत्वों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है और ये पदार्थ शरीर के अंदर ही रहकर बीमारी पैदा करते हैं, परन्तु आजकल बाजार में हर तरह की त्वचा के अनुरूप क्रीमें मिलने लगी हैं। गोरी चमकती त्वचा पाने के लिए घरेलू उबटन

मॉश्‍चराइजर:

कई पापुलर कॉस्‍मेटिक मॉश्‍चराइजर्स को कंपनी बड़े – बड़े दावों के साथ बेचती है लेकिन उनमें से अधिकाशं: में डिटर्जेंट जैसे कई कैमिकल मिले होते है जो आपकी त्‍वचा को काफी नुकसाच पहुंचाने के लिए पर्याप्‍त होते है और त्‍वचा की प्राकृतिक नमी को भी छीन लेते है।

बिंदी:

माथे पर लगाई जाने वाली बिंदी का चिपचिपा पदार्थ त्वचा को प्रभावित करता है और इसके नियमित प्रयोग से उस स्थान पर खुजली और त्वचा रोग भी हो सकते हैं, दानें उभर सकते हैं। कभी-कभी तो सफेद दाग तक पड़ जाते हैं।

सिंदूरः

सुहाग का प्रतीक चिह्न ‘सिंदूर” में साधारणतया लेड आक्साइड रसायन रहता है, जो एक विषैली धातु है। इसे मांग में भरने से सिर की त्वचा निरन्तर अनेक वर्षों तक इसके संपर्क में आती रहती है, जिससे बाल झड़ने, टूटने, छोटे पड़ने तथा जल्दी सफेद होने लगते हैं। त्वचा के छेदों के साथ यह रसायन दिमाग के भीतर पंहुच जाता है जो अनिंद्रा सिरदर्द, चिडचिडापन पैदा करता है। खून के साथ मिलकर यह शरीर के अन्य भागों में पहुंच कर और भी बहुत सारी बीमारियाँ पैदा कर सकता है। सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए आसान घरेलू नुस्खे

हेयर कलर और हेयर डाई:

कुछ रंगों या डाई से लोगों को काफी दिक्‍कत हो जाती है जैसे : बालों का झड़ना, ज्यादा सफेद हो जाना सर में जलन होना, त्वचा पर लाल धब्बे होना, खुजली होना, चेहरे पर सूजन आ जाना और सांस सम्‍बंधी समस्‍या होना। Read More – 12 प्रकार के घरेलू हर्बल शैम्पू बनाने की विधि

ब्‍लीच क्रीम:

ब्‍लीच क्रीम का कैमिकल आपकी त्‍वचा की सॉफ्ट नेस  को सोख लेती है और त्वचा में आने वाले नेचुरल तेल को भी सोख लेती है, चेहरे पर आने इस तेल से त्‍वचा की नमी बनी रहती है और झुर्रिया भी दूर रहती है | पढ़ें यह पोस्ट – ब्लीच करने का तरीका और ब्लीचिंग के फायदे तथा नुकसान |

उपयोग से पहले एलर्जी टेस्ट करें |

किसी भी सौंदर्य प्रसाधन को अपनाने से पहले उसकी एलर्जी संबंधी जांच अवश्य कर लें। इसके लिए कलाई के नीचे या कान के पीछे थोड़ा-सा भाग साफ करके थोड़ा-सा सौंदर्य प्रसाधन लगा लें और 24 घंटे तक उसका असर देखें। यदि वहां कुछ भी प्रतिक्रिया के लक्षण नजर नहीं आते हैं और साबुन से धोने के बाद भी कोई तकलीफ नहीं होती है , तब तो आप वह प्रसाधन चेहरे आदि स्थानों पर इस्तेमाल कर सकते हैं, अन्यथा नहीं। दरअसल beauty cosmetics में जीवाणु वृद्धि को रोकने के लिए प्रीज़र्वटिव का इस्तमाल किया जाता है  ये अक्सर त्वचा जलन, मुहाँसे और दाग धब्बों जैसे विभिन्न एलर्जी प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकते हैं।

Beauty Cosmetics खरीदते समय सावधानी बरतें |

सौंदर्य प्रसाधन हमेशा कंपनियों का बना ओरिजिनल पैकिंग में, सील बंद अवस्था में एवं विश्वसनीय दुकान से ही खरीदें। सस्ते के चक्कर में पड़कर कभी भी मिलते-जुलते नामों की सौंदर्य सामग्री फेरीवालों, सड़क पर बैठ कर बेचने वालों से घटिया कंपनी की बनी चीजें न खरीदें। रासायनिक तत्वों से मिलकर बने beauty cosmetics का कम से कम इस्तेमाल करें, क्योंकि उसके तत्व त्वचा और स्वास्थ्य, दोनों के लिए हानिकारक होते हैं। इन्हें यूं ही खुला कभी नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से ये खराब हो जाते हैं।

जागरूक बने अपने beauty cosmetics की देखभाल, रख-रखाव और मेकअप की तकनीक सीखना आज के जमाने में सभी जागरूक युवक-युवती, महिला के लिए आवश्यक है, फिर भी दूसरो की नकल करके अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह रहना एक गलत आदत है।

हर्बल Beauty Cosmetics अपनाएं |

इसमें कोई संदेह नहीं कि पुराने समय से सौंदर्यवर्धक योग आजकल के कैमिकल्स युक्त प्रसाधनों से कई गुना अच्छे हैं। आयुर्वेद में ऐसे सैकड़ों नुसखे भरे पड़े हैं, जिनको अपनाने से रूप सौंदर्य निखर उठता है। जड़ी-बूटियों से निर्मित सौंदर्य प्रसाधन भारत की प्राचीन पद्धति है, जो वास्तव में  बेहतर और दीर्घलंबे समय तक असरकारक है। यही वजह है कि आजकल हर्बल पर आधारित beauty cosmetics का प्रचलन दिन-पर-दिन बढ़ता ही जा रहा है। इनके प्रयोग करने से त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए आप अपने सौंदर्य को आकर्षक रख सकते हैं। Read This – Beauty प्रसाधनों के रख-रखाव से सम्बंधित टिप्स

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